
गुटेनबर्ग। स्वीडन (Sweden) ने पीएम मोदी (PM Modi ) को अपने अत्यंत प्रतिष्ठित और ऐतिहासिक सम्मान ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ (‘Royal Order of the Polar Star’) से सम्मानित किया। स्वीडन की राजकुमारी विक्टोरिया (Princess Victoria) ने पीएम मोदी को यह सम्मान सौंपा। इस सम्मान के साथ-साथ पीएम को एक बेहद खास और ऐतिहासिक उपहार एक बॉक्स भी दिया गया, जिसमें भारत के महान कवि और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर के दो हस्तलिखित कार्ड्स की हूबहू प्रतियां थीं, जो भारत-स्वीडन के पुराने सांस्कृतिक संबंधों को दर्शाती हैं। पीएम मोदी को यह सम्मान भारत और स्वीडन के बीच द्विपक्षीय संबंधों, व्यापार, तकनीकी, रक्षा और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को एक नई ऊंचाई पर ले जाने और दोनों देशों की साझेदारी मजबूत करने के लिए दिया गया है।
यह प्रधानमंत्री मोदी का 31वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। यह पुरस्कार को किसी भी सरकार प्रमुख को दिया जाने वाला सबसे बड़ा सम्मान माना जाता है। ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार’ की स्थापना वर्ष 1748 में की गई थी। स्वीडन की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यह सम्मान स्वीडन या स्वीडिश हितों के लिए किए गए विशेष कार्यों, सार्वजनिक गतिविधियों में योगदान और सरकारी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक निभाने के लिए दिया जाता है।
A reaffirmation of friendship!
Her Royal Highness Crown Princess Victoria of Sweden conferred upon PM @narendramodi the ‘Royal Order of the Polar Star, Degree Commander Grand Cross’ in recognition of his exceptional contribution to the 🇮🇳-🇸🇪 relationship and his visionary… pic.twitter.com/PwyK2YIiaF
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) May 17, 2026
प्रधानमंत्री मोदी रविवार को दो दिन की यात्रा पर स्वीडन पहुंचे। गुटेनबर्ग हवाई अड्डे पर स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने उनका स्वागत किया।
विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, स्वीडन की राजकुमारी विक्टोरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ सम्मान प्रदान किया। यह सम्मान भारत और स्वीडन के संबंधों में उनके विशेष योगदान और उनके नेतृत्व की सराहना के लिए दिया गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस सम्मान को भारत और स्वीडन के ऐतिहासिक संबंधों को समर्पित किया और कहा कि यह दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी प्रेम और गर्मजोशी का प्रतीक है।
एक अन्य पोस्ट में विदेश मंत्रालय ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने स्वीडन की राजकुमारी विक्टोरिया की मौजूदगी में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को याद करते हुए विशेष उपहारों का आदान-प्रदान किया, जो भारत और स्वीडन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक और बौद्धिक संबंधों को दर्शाते हैं।
रवींद्रनाथ टैगोर पहले गैर-यूरोपीय थे, जिन्हें नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। लेकिन 1913 में वह स्वीडन जाकर यह पुरस्कार नहीं ले सके थे। बाद में 1921 में स्वीडन के राजा गुस्ताव पंचम ने उनकी मेजबानी की थी। इस वर्ष गुरुदेव टैगोर की 1926 की स्वीडन यात्रा के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर को भी विशेष रूप से याद किया गया।
पीएम मोदी ने स्वीडन के प्रधानमंत्री को शांति निकेतन मैसेंजर बैग, गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर रचित ‘गीतांजलि’, मणिपुर की लोकटक चाय और लद्दाख में बना मफलर भेंट किया। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीडन की राजकुमारी विक्टोरिया को गोंड पेंटिंग और एक पुस्तक भी भेंट की, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।
पीएम मोदी ने स्वीडिश समकक्ष के साथ की बैठक
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने अपने स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टर्सन के साथ रक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी समेत अन्य प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ाने पर व्यापक वार्ता की। पीएम मोदी ने इससे पहले 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के लिए स्वीडन की यात्रा की थी।
पीएम मोदी का गुटेनबर्ग हवाई अड्डे पर स्वीडिश पीएम क्रिस्टर्सन ने विशेष स्वागत किया। हवाईअड्डे पर उतरते समय प्रधानमंत्री के विमान को स्वीडिश वायुसना के जेट विमानों ने सुरक्षा प्रदान की। पीएम का स्वागत करते हुए क्रिस्टर्सन ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, मेरे मित्र, स्वीडन में एक बार फिर आपका हार्दिक स्वागत है। दो लोकतंत्र, एक मजबूत संबंध।
गुटेनबर्ग पहुंचने के कुछ देर बाद ही पीएम मोदी और क्रिस्टर्सन के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। इस दौरान, दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलुओं की समीक्षा की और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग के नए रास्ते तलाशे, जो 2025 में 7.75 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था। वार्ता में दोनों पक्षों ने हरित ऊर्जा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), उभरती प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप्स, लचीली आपूर्ति शृंखला, रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु कार्रवाई और जन-जन संबंधों के क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया। यात्रा के दौरान पीएम मोदी की यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय उद्यमियों के साथ भी मुलाकात होगी।
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