
नई दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय बाजार (International market) में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी भारी उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते सैन्य तनाव का सीधा असर अब भारतीय उपभोक्ताओं (Indian consumers) की जेब पर दिखने लगा है. देश की सरकारी तेल कंपनियों ने मंगलवार सुबह पेट्रोल और डीजल (Petrol-Diesel) की कीमतों में लगभग 90 पैसे प्रति लीटर की और बढ़ोतरी कर दी है.
आम जनता के लिए यह दोहरा झटका है, क्योंकि बीते शुक्रवार (15 मई) को ही तेल कंपनियों ने करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी वृद्धि की थी. एक ही हफ्ते के भीतर ईंधन की दरों में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है.
बाजार विश्लेषकों और उद्योग से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह बढ़ोतरी वैश्विक स्तर पर जारी कूटनीतिक और सैन्य संकट का सीधा परिणाम है. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते गतिरोध और ‘हॉर्मुज़ स्ट्रैट’ मार्ग पर आपूर्ति बाधित होने की आशंका से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमतें $100 प्रति बैरल के पार बनी हुई हैं.
इसके चलते भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों को भारी दैनिक घाटा उठाना पड़ रहा था. हालांकि पिछले हफ्ते हुई 3 रुपये की बढ़ोतरी से कंपनियों के घाटे में करीब 25 प्रतिशत की कमी आई थी, लेकिन लागत और बिक्री मूल्य के बीच के बड़े अंतर (अंडर-रिकवरी) को पाटने के लिए यह ताजा बढ़ोतरी की गई है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक संकट जल्द नहीं थमा, तो आने वाले दिनों में किश्तों में ऐसी और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
चारों महानगरों में अब क्या हैं नए रेट्स?
– दिल्ली में अब पेट्रोल 98.64 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, जिसमें 87 पैसे की बढ़ोतरी हुई है; वहीं डीज़ल की कीमत 91.58 रुपये प्रति लीटर है, जो 91 पैसे ज़्यादा है. राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 97.77 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
– मुंबई में पेट्रोल की कीमत 91 पैसे बढ़कर 107.59 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत 94 पैसे बढ़कर 94.08 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
– कोलकाता में पेट्रोल की कीमत में सबसे ज़्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो 96 पैसे बढ़कर 109.70 रुपये प्रति लीटर हो गई; वहीं डीज़ल की कीमत 94 पैसे बढ़कर 96.07 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
– चेन्नई में पेट्रोल की कीमत 82 पैसे बढ़कर 104.49 रुपये प्रति लीटर और डीज़ल की कीमत 86 पैसे बढ़कर 96.11 रुपये प्रति लीटर हो गई है.
माल ढुलाई और आम बजट पर पड़ेगा सीधा असर
एक ही हफ्ते में ईंधन के दामों में कुल मिलाकर करीब 4 रुपये की इस संचयी बढ़ोतरी (Cumulative Hike) से माल ढुलाई और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र पर सबसे ज्यादा और सीधा असर पड़ेगा. डीजल महंगा होने से देश भर में आवश्यक वस्तुओं, सब्जियों, फलों और रोजमर्रा के सामानों के परिवहन की लागत बढ़ जाएगी, जिसके चलते आने वाले हफ्तों में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) में एक बार फिर बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है.
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