
नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा(Hindi Cinema) को दशकों तक हंसी, मनोरंजन और पारिवारिक कॉमेडी(Comedy) का नया अंदाज देने वाले मशहूर निर्देशक(Director) डेविड धवन(David Dhawan) अब अपने लंबे फिल्मी सफर को विराम देने की तैयारी में दिखाई दे रहे हैं। करीब 45 वर्षों तक लगातार दर्शकों को हंसाने और मनोरंजन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाने वाले इस दिग्गज निर्देशक(Director) ने अब संन्यास(Retirement) लेने की इच्छा जाहिर कर सभी को भावुक कर दिया है। उनकी आगामी फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ को उनके निर्देशन करियर की आखिरी फिल्म माना जा रहा है। इस खबर के सामने आने के बाद फिल्म जगत में चर्चा तेज हो गई है, क्योंकि एक ऐसे दौर का अंत होने जा रहा है जिसने कॉमेडी(Comedy) फिल्मों को नई पहचान दी थी।
डेविड धवन का नाम उन चुनिंदा निर्देशकों में शामिल रहा है जिन्होंने मनोरंजन को हमेशा परिवार और हास्य के साथ जोड़कर प्रस्तुत किया। उनकी फिल्मों की खासियत सिर्फ कॉमेडी नहीं बल्कि हल्के-फुल्के अंदाज में जिंदगी की कहानियों को पेश करना भी रहा। अपने पूरे करियर में उन्होंने कई यादगार फिल्में दीं और दर्शकों को हंसने का अनगिनत मौका दिया। उनकी फिल्मों का अंदाज हमेशा अलग रहा और यही वजह है कि उनका नाम मनोरंजन की दुनिया में एक खास पहचान बन गया।
हाल ही में अपनी नई फिल्म से जुड़े एक कार्यक्रम के दौरान डेविड धवन भावुक नजर आए। इस दौरान उन्होंने बेटे वरुण धवन के बारे में बात करते हुए अपने दिल की भावनाएं भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि कठिन समय में उनके बेटे ने जिस तरह उनका साथ दिया, वह उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा। बीमारी के दौरान बेटे का हर पल साथ रहना उन्हें भावुक कर गया। पिता और बेटे के बीच का यह रिश्ता लोगों के दिलों को भी छू गया। कार्यक्रम के दौरान उनकी आंखों में भावनाएं साफ दिखाई दीं, जिसने वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर दिया।
डेविड धवन और वरुण धवन की जोड़ी पहले भी दर्शकों को पसंद आई है, लेकिन इस बार मामला सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं है। इस फिल्म के साथ भावनाएं, यादें और एक लंबे सफर का समापन भी जुड़ा हुआ है। दर्शकों के लिए यह सिर्फ एक नई फिल्म नहीं बल्कि उस निर्देशक की विदाई की कहानी बन गई है जिसने कई पीढ़ियों को हंसने का मौका दिया।
फिल्म इंडस्ट्री में कई निर्देशक आए और गए, लेकिन कुछ नाम ऐसे होते हैं जो अपनी अलग छाप छोड़ जाते हैं। डेविड धवन भी उन्हीं नामों में शामिल हैं। अगर यह फिल्म वास्तव में उनके करियर की आखिरी प्रस्तुति साबित होती है, तो यह केवल एक निर्देशक की विदाई नहीं बल्कि बॉलीवुड के एक सुनहरे और हंसते-मुस्कुराते दौर के अंत की शुरुआत मानी जाएगी। उनके फैसले ने फैंस को भावुक जरूर किया है, लेकिन उनकी बनाई यादें हमेशा दर्शकों के दिलों में जिंदा रहेंगी।
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