img-fluid

चारधाम यात्रा : अब तक 22 लाख तीर्थयात्री कर चुके हैं दर्शन…. 5 हफ्तों में 92 श्रद्धालुओं की मौत

May 26, 2026

देहरादून। उत्तराखंड (Uttarakhand) में चारधाम यात्रा (Chardham Yatra) के शुरुआती 5 हफ्तों में विभिन्न स्वास्थ्य कारणों की वजह से 92 तीर्थयात्रियों की मौत हो चुकी है। आंकड़े बताते हैं कि सबसे ज्यादा 45 मौतें केदारनाथ (Kedarnath) में हुईं, जबकि बदरीनाथ (Badrinath) में 24, यमुनोत्री में 13 और गंगोत्री (Gangotri) में 10 तीर्थयात्रियों ने अपनी जान गंवाई। इनत तमाम चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, सोमवार शाम तक 22 लाख से अधिक श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं।

केदारनाथ में सबसे अधिक 44 मौतें
उत्तराखंड के राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, केदारनाथ में सबसे अधिक 44 मौतें दर्ज की गई हैं। बदरीनाथ में 24 , मुनात्री और गंगोत्री में क्रमशः 13 और 10 श्रद्धालुओं की मौतें हुई हैं। ये मौतें विभिन्न स्वास्थ्य कारणों से हुई हें। इनमें ऊंचाई से संबंधित बीमारियां और हृदय गति रुकना शामिल हैं। एक अन्य व्यक्ति की मौत केदारनाथ में प्राकृतिक आपदा के कारण हुई है।


  • चारधाम यात्रा में 92 पहुंचा मौतों का आंकड़ा
    इस साल चारधाम यात्रा में मौतों का आंकड़ा 92 पर पहुंच गया है। आंकड़े बतलाते हैं कि सोमवार शाम सात बजे तक 22 लाख से अधिक श्रद्धालु चारधामों के दर्शन के लिए पहुंच चुके हैं। केदारनाथ में सबसे अधिक 8.72 लाख श्रद्धालु पहुंचे। इसके बाद बदरीनाथ में 6.13 लाख, गंगोत्री और यमुनोत्री में क्रमश: 3.85 एवं 3.87 लाख श्रद्धालु पहुंचे।

    अलर्ट मोड पर आपदा प्रबंधन विभाग
    उच्च हिमालयी क्षेत्र की इस यात्रा को लेकर आपदा प्रबंधन विभाग अलर्ट मोड पर है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मौसम प्रतिकूल होने पर हर एक श्रद्धालु की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। इतना ही नहीं सिक्खों के विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल श्री हेमकुंड साहिब भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।

    गंगा दशहरा के मौके पर लगाई आस्था की डुबकी
    इस बीच गंगा दशहरा के मौके पर सोमवार को हरिद्वार में गंगा किनारे बहुत से श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। लोगों ने नियम-कानून के साथ गंगा जी में स्नान किया। माना जाता है कि इस पवित्र मौके पर गंगा में नहाने से सारे पाप धुल जाते हैं। गंगा दशहरा पर्व उस घटना का प्रतीक है जब गंगा नदी धरती पर अवतरित हुई थीं। इसी दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर आई थीं। शास्त्रों के मुताबिक गंगा दशहरा गंगा नदी के धरती पर आगमन की याद में मनाया जाता है।

    Share:

  • पश्चिम बंगाल : TMC में हो सकता है AAP जैसा खेला, नेतृत्व से कई सांसद नाराज; भाजपा से साध रहे संपर्क

    Tue May 26 , 2026
    कोलकाता. पश्चिम बंगाल (West Bengal) विधानसभा चुनाव (assembly elections) में भाजपा (BJP) के हाथों करारी हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) को निकट भविष्य में एक और बड़ा झटका लग सकता है। पश्चिम बंगाल में सत्ता गंवाने के बाद पार्टी नेतृत्व के कामकाज के नाराज पार्टी के कई सांसद भाजपा के संपर्क में हैं। इनमें […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved