
कोलकाता । कोलकाता में (In Kolkata) बकरीद की नमाज (Bakrid Prayers) पहली बार ब्रिगेड परेड ग्राउंड में अदा की गई (Were offered for the first time at Brigade Parade Ground) ।
कई वर्षों बाद इस बार रेड रोड पर नमाज नहीं हुई। इससे पहले ईद-उल-फित्र और ईद-उल-अजहा के मौके पर हर साल यहां नमाज अदा की जाती थी। यह परंपरा लेफ्ट फ्रंट सरकार के समय से लेकर तृणमूल कांग्रेस सरकार के कार्यकाल तक जारी रही। तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी साल में दो बार रेड रोड पर होने वाली सभाओं में शामिल होती थीं। पिछले वर्षों में सामूहिक नमाज के लिए सड़कों के इस्तेमाल से मध्य कोलकाता में अक्सर यातायात प्रभावित होता था।
इस बार कोलकाता में कहीं भी खुली सड़कों पर बकरीद की नमाज का आयोजन नहीं किया गया। इसके कारण पिछले वर्षों में होने वाली ट्रैफिक जाम की समस्या इस बार नहीं हुई। कोलकाता पुलिस ने इस अवसर पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। इनमें ब्रिगेड परेड ग्राउंड और उसके आसपास के इलाके भी शामिल थे। पूरे शहर में, खासकर मस्जिदों के आसपास के इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। हवाई निगरानी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया।
दरअसल, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद सुवेंदु अधिकारी ने घोषणा की थी कि नई सरकार सड़कों पर किसी भी तरह के धार्मिक जमावड़े की अनुमति नहीं देगी, क्योंकि इससे ट्रैफिक जाम होता है और आम जनता को काफी परेशानी होती है। इस घोषणा का असर गुरुवार को कोलकाता में देखने को मिला, जहां बकरीद की नमाज रेड रोड के बजाय ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित की गई। पहले यह नमाज आमतौर पर रेड रोड पर ही पढ़ी जाती थी।
पिछले साल भारतीय सेना की पूर्वी कमान के कार्यालय (जिसके पास रेड रोड का प्रशासनिक अधिकार है) ने सुरक्षा कारणों से खिलाफत समिति से ईद की नमाज के लिए किसी वैकल्पिक स्थान की व्यवस्था करने को कहा था। हालांकि ममता बनर्जी ने तब कहा था कि वह पूर्वी कमान के अधिकारियों को अनुमति देने के लिए मनाने की कोशिश करेंगी, लेकिन विधानसभा चुनाव में हार के बाद उनका कार्यकाल समाप्त हो गया। इसके परिणामस्वरूप इस बार बकरीद की नमाज ब्रिगेड परेड ग्राउंड में अदा की गई।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved