
श्रीनगर । अमरनाथ यात्रा के दौरान (During Amarnath Yatra) अब तक 2.75 लाख से अधिक श्रद्धालुओं (More than 2.75 lakh Pilgrims So Far) ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए (Paid obeisance to Baba Barfani) । मंगलवार को 5,335 यात्रियों का एक और जत्था जम्मू से घाटी के लिए रवाना हुआ।
अधिकारियों ने बताया कि पिछले 11 दिनों में लगभग तीन लाख यात्रियों ने यात्रा पूरी की है। सोमवार को 24,259 यात्रियों ने पवित्र गुफा मंदिर में दर्शन किए और 5,335 तीर्थयात्रियों का एक और जत्था जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से दो सुरक्षा-प्राप्त काफिलों में घाटी के लिए रवाना हुआ। इनमें से 3,599 यात्री नुनवान (पहलगाम) बेस कैंप जा रहे हैं, जबकि 1,736 यात्री बालटाल बेस कैंप जा रहे हैं। इससे पहले सोमवार को जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर रामबन जिले के चंदरकोट के पास एक दुर्घटना में 18 तीर्थयात्री घायल हो गए। इस दुर्घटना में एक बस का ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि किसी भी तीर्थयात्री को गंभीर चोटें नहीं आईं। इस टक्कर में तीन गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा सुबह करीब 7:20 बजे हुआ, जब पहलगाम जा रहे काफिले की आखिरी गाड़ी (जेके01वाई-1044) बस के ब्रेक चंदरकोट लंगर स्थल के पास फेल हो गए।
बस काफिले की ही एक दूसरी बस (जेके01वाई-1052) से टकरा गई और वहां खड़ी एक कार (जेके 21 के-8115) को भी नुकसान पहुंचाया। यात्रा प्रबंधन के इंतजामों के तहत पहले से ही इलाके में तैनात जिला प्रशासन और पुलिस ने तुरंत बचाव और राहत अभियान शुरू किया। रामबन के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद इलियास खान, रामबन के एसएसपी अरुण गुप्ता, नेशनल हाईवे के एसएसपी राजा आदिल हामिद और एडिशनल डिप्टी कमिश्नर वरुणजीत सिंह चरक ने घायल तीर्थयात्रियों को जिला अस्पताल रामबन पहुंचाने के काम की निगरानी की। रामबन जिला अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुदर्शन सिंह कटोच के अनुसार, सभी 18 तीर्थयात्रियों को मामूली चोटें आईं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी देने से पहले प्राथमिक उपचार दिया गया, क्योंकि किसी को भी लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने की जरूरत नहीं पड़ी।
ज़िला प्रशासन ने उनके लिए वैकल्पिक गाड़ियों का इंतज़ाम किया, ताकि वे बिना किसी देरी के पवित्र गुफा मंदिर की अपनी आगे की यात्रा जारी रख सकें। इस दुर्घटना की वजह से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर अमरनाथ यात्रा के काफिले की आवाजाही कुछ देर के लिए रुक गई थी। हालांकि, क्षतिग्रस्त गाड़ियों को तुरंत हटा दिया गया, ट्रैफिक बहाल कर दिया गया और स्थिति नियंत्रण में आने के बाद काफिले ने अपनी आगे की यात्रा फिर से शुरू कर दी। 57 दिनों तक चलने वाली श्री अमरनाथ यात्रा 28 अगस्त को समाप्त होगी, जो श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के त्योहारों के साथ मेल खाती है। समुद्र तल से 3880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस गुफा मंदिर में बर्फ से बनी एक संरचना (स्टैलेग्माइट) है, जो चांद की कलाओं के साथ घटती-बढ़ती रहती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि बर्फ की यह संरचना भगवान शिव की अलौकिक शक्तियों का प्रतीक है।
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