
प्रयागराज । आषाढ़ी अमावस्या पर (On Ashadhi Amavasya) हजारों श्रद्धालुओं (Thousands of Devotees) ने प्रयागराज के त्रिवेणी संगम में आस्था की डुबकी लगाई (Took holy dip at Triveni Sangam in Prayagraj) ।
अमावस्या पर मंगलवार को श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान कर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति, परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में मंगल की कामना की। इस दौरान लोगों ने पिंडदान, तर्पण, श्राद्ध और दान-पुण्य जैसे धार्मिक अनुष्ठान भी किए। संगम पर मौजूद साधु ने आषाढ़ अमावस्या के दिन स्नान और धार्मिक कार्यों के महत्व को बताते हुए कहा कि संगम में स्नान का महत्व हर समय रहता है, लेकिन अमावस्या का दिन विशेष माना जाता है।
उन्होंने कहा कि मंगलवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन संगम में स्नान करने, पितरों के लिए पिंडदान, श्राद्ध, तर्पण और दान करने से पूर्वज प्रसन्न होते हैं। साधु ने कहा कि जब पितर प्रसन्न होते हैं तो देवी-देवताओं की कृपा भी प्राप्त होती है। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किए गए अच्छे कार्यों से परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।
संगम में स्नान करने पहुंचे एक श्रद्धालु ने कहा कि अमावस्या का दिन पितरों के लिए विशेष माना जाता है। उन्होंने बताया कि इस अवसर पर पूर्वजों के नाम से तर्पण और दान-पुण्य करने से विशेष फल मिलता है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम पहुंचकर परिवार की सुख-शांति और खुशहाली के लिए प्रार्थना करते हैं।
एक अन्य श्रद्धालु ने कहा कि इस बार अमावस्या मंगलवार के दिन पड़ी है, इसलिए इसका महत्व और बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि लोग गंगा मैया से देश की खुशहाली और सभी की मनोकामनाएं पूरी होने की प्रार्थना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पितरों को प्रसन्न रखना जरूरी है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जब पितर संतुष्ट होते हैं तो परिवार में भी सुख और समृद्धि बनी रहती है।
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