
भोपाल । प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (State Congress President Jitu Patwari) ने कहा कि मध्य प्रदेश में (In Madhya Pradesh) किसानों को गेहूं का सही दाम नहीं मिल रहा है (Farmers are not getting right price of Wheat) ।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि पोस्टर और प्रचार से किसान समृद्ध नहीं होता, खेत में पसीना बहाने वाले किसान को समय पर दाम, भुगतान और सम्मान चाहिए। मुख्यमंत्री 103 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का ढिंढोरा पीट रहे हैं, लेकिन कई सवाल हैं। भाजपा ने चुनाव में किसानों को 2700 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का वादा किया था, लेकिन आज भी किसान को मात्र 2600 मिल रहे हैं। यानी वादे से 100 रुपये कम मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार का दावा है कि लाखों किसानों से खरीद की गई, लेकिन सच यह है कि खरीदी देर से शुरू हुई, जिसके कारण किसान मंडियों में एमएसपी से कम दाम पर गेहूं बेचने को मजबूर हुए। कई जगह व्यापारियों ने किसानों से 2000–2200 प्रति क्विंटल तक गेहूं खरीदा, जबकि एमएसपी 2600 था। किसानों को प्रति क्विंटल 400–600 रुपये तक का नुकसान हुआ। क्या राज्य सरकार यह भी बताएगी कि किसानों को भुगतान में देरी, पंजीयन की समस्याएं और खरीदी केंद्रों की अव्यवस्था से कितनी परेशानी हुई?
किसानों की समस्याओं का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने कहा कि किसान डीजल, खाद, बीज, बिजली की बढ़ती लागत से परेशान है। एमएसपी वास्तविक लागत के मुकाबले बेहद कम है। बाजार की इस सच्चाई को सरकार कब स्वीकार करेगी। जीतू पटवारी ने सरकार से कहा कि एमएसपी पर कानूनी गारंटी चाहिए, किसानों का भुगतान तत्काल हो, 2700 प्रति क्विंटल का भुगतान हो, खरीदी प्रक्रिया समय पर और पारदर्शी हो और खरीद के आंकड़े लाभकारी मूल्य दें। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि किसान मुख्यमंत्री के पोस्टर में मुस्कुरा सकता है लेकिन खेत में खड़ा किसान आज भी कर्ज, कृषि लागत और सरकारी धोखे से परेशान है।
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