वाशिंगटन। अमेरिका (United States) ने ईरान (Iran) पर दबाव बढ़ाने के लिए अब तक के सबसे सख्त कदमों में से एक उठाया है। अमेरिकी प्रशासन (U.S. Administration) ने सरकारी ईरानी एयरलाइंस के खिलाफ कड़े प्रतिबंध लागू करते हुए दुनिया भर के देशों और एजेंसियों को चेतावनी दी है कि यदि उन्होंने ईरानी विमानों को किसी भी प्रकार की सुविधा दी, तो उन्हें भी अमेरिकी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ेगा।
अमेरिकी वित्त मंत्री Scott Bessent ने कहा कि नए प्रतिबंधों के तहत ईरानी विमानों को विदेशी हवाई अड्डों पर उतरने, ईंधन भरवाने और टिकट बिक्री जैसी सेवाओं से वंचित किया जाएगा। अमेरिका का उद्देश्य ईरान को आर्थिक और रणनीतिक रूप से अलग-थलग करना बताया जा रहा है।
हज यात्रा और मानवीय उड़ानों को राहत
हालांकि, United States ने धार्मिक और मानवीय जरूरतों को देखते हुए कुछ छूट भी दी है। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के अनुसार, हज यात्रा पर जाने वाले ईरानी यात्रियों की उड़ानों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा जाएगा। इसके अलावा दवाइयों, चिकित्सा सहायता और मानवीय राहत से जुड़ी उड़ानों को भी अनुमति दी जाएगी।
इसके विपरीत, व्यावसायिक और सरकारी उड़ानों पर यह प्रतिबंध पूरी सख्ती से लागू रहेगा।
मदद करने वाले देशों को भी चेतावनी
अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि जो भी देश, एयरपोर्ट अथॉरिटी या एजेंसी ईरानी विमानों को लैंडिंग की अनुमति देगी, ईंधन उपलब्ध कराएगी या टिकट बिक्री में सहयोग करेगी, उस पर भी कार्रवाई की जा सकती है।
अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि इस तरह की आर्थिक घेराबंदी से ईरान की अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों और वित्तीय नेटवर्क पर गंभीर असर पड़ेगा।
Scott Bessent ने दावा किया कि अमेरिकी आर्थिक दबाव का असर अब दिखाई देने लगा है। उनके अनुसार, पहली बार ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत के लिए तैयार होता नजर आ रहा है।
अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि लगातार बढ़ते आर्थिक और रणनीतिक दबाव ने Iran को वार्ता की दिशा में सोचने पर मजबूर किया है। इससे पहले तेहरान लंबे समय तक अपने परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी प्रकार की शर्तों के तहत बातचीत से बचता रहा था।
विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पश्चिम एशिया में पहले से जारी तनाव को और बढ़ा सकता है, क्योंकि ईरान इन प्रतिबंधों को अपनी संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय अधिकारों पर सीधा हमला मानता रहा है।
वाशिंगटन। अमेरिका (US) और ईरान (Iran) के बीच महीनों से जारी भारी तनाव के बाद आखिरकार एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी मिलती दिख रही है। अमेरिकी वित्त मंत्री ( Treasury Secretary) स्कॉट बेसेंट (Scott Bessent) ने एलान किया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य कार्रवाई और आर्थिक प्रतिबंधों की रणनीति रंग लाई है। इसी भारी […]