
नई दिल्ली । अभिनेता(actor) रणवीर सिंह(Ranveer Singh) और फिल्म डॉन 3(Don 3) को लेकर चल रहा विवाद अब कोर्ट(courts) तक पहुंच गया है। वरिष्ठ फिल्म निर्माता टी.पी. अग्रवाल(Veteran filmmaker T.P. Aggarwal) ने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज द्वारा रणवीर सिंह के खिलाफ घोषित गैर-सहयोग (नॉन-कोऑपरेशन) के फैसले को चुनौती देते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
क्या है मामला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, रणवीर सिंह के डॉन 3 से अलग होने के बाद FWICE ने उनके खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन की घोषणा की थी। संगठन का कहना था कि मामला सुलझने तक उससे जुड़े सदस्य अभिनेता के साथ काम नहीं करेंगे।
टीपी अग्रवाल ने क्या कहा?
पूर्व Film Federation of India अध्यक्ष टीपी अग्रवाल ने मुंबई की दिंडोशी सिविल कोर्ट में FWICE और Indian Motion Picture Producers Association के खिलाफ याचिका दायर की है।
उनका तर्क है कि किसी भी फिल्म संगठन या ट्रेड बॉडी को किसी कलाकार को काम करने से रोकने का कानूनी अधिकार नहीं है। उनके अनुसार, ऐसे फैसले कलाकारों की आजीविका, काम करने की स्वतंत्रता और रचनात्मक अभिव्यक्ति पर सीधा असर डालते हैं।
विवाद की जड़
साल 2023 में रणवीर सिंह को डॉन 3 में नए डॉन के रूप में कास्ट किया गया था। फिल्म के निर्देशक Farhan Akhtar ने इसका टीजर भी जारी किया था, जिसे दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। बाद में खबरें आईं कि रचनात्मक मतभेदों के चलते रणवीर इस प्रोजेक्ट से दूर हो गए।
अब आगे क्या?
मामला अब अदालत में पहुंच चुका है, इसलिए यह देखना दिलचस्प होगा कि कोर्ट फिल्म संगठनों की शक्तियों और कलाकारों के काम करने के अधिकार को लेकर क्या रुख अपनाती है। इस फैसले का असर भविष्य में फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों और संगठनों के बीच होने वाले विवादों पर भी पड़ सकता है।
यह मामला केवल रणवीर सिंह तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि फिल्म उद्योग में ट्रेड बॉडी की भूमिका और उनके अधिकारों पर भी एक बड़ी बहस छेड़ सकता है।
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