
बेंगलुरु. कर्नाटक (Karnataka) की राजनीति (Politics) में एक नए अध्याय की शुरुआत होने जा रही है. कांग्रेस (Congress) नेतृत्व ने राज्य में सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है. सबकी नजर 3 जून को बेंगलुरु में होने वाले शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी है. मुख्यमंत्री पद के लिए नामित डीके शिवकुमार (Shivakumar) के साथ 13 कैबिनेट मंत्री (13 ministers) पहले चरण में शपथ ले सकते हैं, जबकि कैबिनेट का विस्तार बाद में किया जाएगा.
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस नेतृत्व का मकसद एक संतुलित, क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को साधने वाली टीम तैयार करना है, जो आने वाले वर्षों में सरकार का चेहरा बने. नई कैबिनेट को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान के स्तर पर अहम बैठक हुई. इस बैठक में मुख्यमंत्री पद के लिए नामित डीके शिवकुमार और मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने हिस्सा लिया.
दोनों नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला के साथ विस्तार से चर्चा की है. इस बैठक का मुख्य एजेंडा नई कैबिनेट की संरचना, सत्ता संतुलन और संगठनात्मक समीकरणों को अंतिम रूप देना था. पहले चरण की कैबिनेट में मुख्यमंत्री के रूप में शिवकुमार शपथ लेंगे.
जी परमेश्वर के अकेले उपमुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है. इसके अलावा जिन नेताओं के नाम लगभग तय माने जा रहे हैं, उनमें यतींद्र, केएच मुनियप्पा, यूटी खादर, केजे जॉर्ज, कृष्णा बायरे गौड़ा, एमबी पाटिल, प्रियांक खड़गे, सतीश जारकीहोली, रामलिंगा रेड्डी, दिनेश गुंडू राव, बायराथी सुरेश और ईश्वर खंड्रे शामिल हैं. इन नामों के जरिए कांग्रेस संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है.
इस बीच मुख्यमंत्री पद संभालने जा रहे डीके शिवकुमार ने भी अपनी प्राथमिकताओं को लेकर बड़ा संदेश दिया है. उन्होंने कहा कि देश की जनता ने उन पर जो विश्वास और भरोसा दिखाया है, उसके लिए वह बेहद आभारी हैं. उनके मुताबिक आगे का रास्ता आसान नहीं होगा और कई चुनौतियां सामने आएंगी, लेकिन वह पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ काम करेंगे. जनता के भरोसे पर खरे उतरेंगे.
उन्होंने विशेष रूप से कर्नाटक की वैश्विक पहचान का जिक्र किया. इसके साथ ही कहा कि उनकी सरकार का फोकस सुशासन, विकास, बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, निवेश आकर्षित करने, प्रौद्योगिकी और नवाचार को बढ़ावा देने, स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने, युवा सशक्तिकरण, आर्थिक विकास और समावेशी नेतृत्व के मॉडल को आगे बढ़ाने पर रहने की उम्मीद है.
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved