img-fluid

राम और कुंभकर्ण के महामुकाबले पर टिकी निगाहें, ‘वाराणसी’ के लेखक ने दिया सबसे बड़े दृश्य का संकेत

June 06, 2026

नई दिल्ली ।निर्देशक (Director) एसएस राजामौली (S S Rajamouli) की आगामी फिल्म (Film) ‘वाराणसी (Varanasi)’ को लेकर दर्शकों के बीच लगातार उत्सुकता बढ़ती जा रही है। फिल्म के टीजर के सामने आने के बाद इसके कथानक (Plot), पात्रों (Characters) और भव्य प्रस्तुति (Grand Presentation) को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। इसी बीच फिल्म के लेखक के. विजयेंद्र प्रसाद (K. Vijayendra Prasad) ने एक ऐसे दृश्य का जिक्र किया है जिसे फिल्म का सबसे महत्वपूर्ण और प्रभावशाली हिस्सा (Impactful Part) माना जा रहा है।

एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान जब विजयेंद्र प्रसाद से पूछा गया कि यदि उन्हें फिल्म के किसी एक दृश्य के बारे में दर्शकों को संकेत देना हो तो वह कौन सा दृश्य होगा, तब उन्होंने राम और कुंभकर्ण के बीच होने वाले युद्ध का उल्लेख किया। उनके अनुसार यह सीक्वेंस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है और इसकी प्रस्तुति दर्शकों को लंबे समय तक याद रह सकती है।

भारतीय सिनेमा की कई सफल फिल्मों की कहानी लिख चुके विजयेंद्र प्रसाद ने बताया कि यह युद्ध दृश्य केवल एक सामान्य एक्शन सीक्वेंस नहीं है, बल्कि इसे बड़े पैमाने पर तैयार किया गया है। उन्होंने संकेत दिया कि इसकी अवधि और दृश्यात्मक प्रभाव दोनों ही इसे फिल्म का सबसे चर्चित हिस्सा बना सकते हैं। उनके बयान के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता और बढ़ गई है।

उन्होंने फिल्म के टीजर में दिखाई गई झलकियों का उल्लेख करते हुए कहा कि दर्शक पहले ही राम, कुंभकर्ण और हनुमान से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण दृश्य देख चुके हैं। विशेष रूप से हनुमान की पूंछ और उस पर दिखाई देने वाले रथ से संबंधित दृश्य को उन्होंने बेहद खास बताया। उनके अनुसार इन दृश्यों का विस्तार फिल्म में और अधिक प्रभावशाली रूप में देखने को मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान फिल्म की कहानी में संभावित समय-आधारित अवधारणाओं को लेकर भी सवाल पूछा गया, लेकिन विजयेंद्र प्रसाद ने इस विषय पर अधिक जानकारी देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि फिल्म के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को अभी गोपनीय रखना जरूरी है ताकि दर्शकों के लिए रोमांच और रहस्य बना रहे।

फिल्म में अभिनेता महेश बाबू की भूमिका को लेकर भी चर्चा बनी हुई है। इससे पहले राजामौली संकेत दे चुके हैं कि महेश बाबू भगवान राम के रूप में नजर आएंगे। राजामौली ने एक पुराने बयान में कहा था कि जब उन्होंने पहली बार महेश बाबू को उस विशेष रूप में देखा तो वह काफी प्रभावित हुए थे। उनके अनुसार अभिनेता के व्यक्तित्व में वह गंभीरता और शालीनता मौजूद है जो इस तरह के चरित्र को प्रभावी बनाती है।

फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि ‘वाराणसी’ केवल एक पौराणिक कथा पर आधारित फिल्म नहीं होगी, बल्कि इसमें आधुनिक तकनीक, उन्नत विजुअल इफेक्ट्स और बड़े पैमाने की सिनेमाई प्रस्तुति का भी व्यापक उपयोग किया जाएगा। यही वजह है कि इसे भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में गिना जा रहा है।


  • फिल्म की रिलीज से पहले सामने आ रही जानकारियां यह संकेत दे रही हैं कि निर्माता और निर्देशक दर्शकों को एक भव्य और तकनीकी रूप से समृद्ध अनुभव देने की तैयारी कर रहे हैं। विशेष रूप से राम और कुंभकर्ण के बीच होने वाला युद्ध दृश्य अब फिल्म का सबसे चर्चित और प्रतीक्षित हिस्सा बन चुका है। दर्शकों को उम्मीद है कि यह सीक्वेंस भारतीय सिनेमा में दृश्यात्मक प्रस्तुति के नए मानक स्थापित कर सकता है।

    Share:

  • MIT यूनिवर्सिटी सिक्किम के नए Vocational Courses से पढ़ाई के साथ रोजगार की तैयारी

    Sat Jun 6 , 2026
    सिक्किम [भारत]: भारत (India) में उच्च शिक्षा (Higher Education) का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। आज के समय में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि छात्रों के पास व्यावहारिक कौशल और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप ज्ञान होना भी जरूरी है। इसी बदलती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए MIT यूनिवर्सिटी […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved