
नई दिल्ली । बॉलीवुड (Bollywood) और साउथ फिल्म इंडस्ट्री (South Film Industry) में उम्र (Age) को लेकर अभी भी एक खास नजरिया मौजूद है। तापसी पन्नू (Taapsee Pannu) ने हाल ही में बताया कि 30 साल की उम्र पार करते ही उन्हें रोमांटिक-कॉमेडी फिल्मों के लिए ‘उपयुक्त नहीं’ माना जाता है। यह अनुभव उन्होंने न सिर्फ हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में बल्कि साउथ इंडस्ट्री में भी किया।तापसी पन्नू (Taapsee Pannu) ने टाइम्स एंटरटेनमेंट को बताया कि उन्होंने हिंदी फिल्मों में करियर की शुरुआत मिड-20 की उम्र में की थी। शुरुआती वर्षों में उन्हें अच्छे रोल पाने के लिए संघर्ष करना पड़ा। जब वे एक स्थापित स्थिति तक पहुंचीं, तब उनकी उम्र 30 पार कर चुकी थी। इसके बाद प्रोड्यूसर और निर्देशक उन्हें कहते हैं कि यह रोल अब उनके लिए नहीं है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह समस्या केवल बॉलीवुड तक सीमित नहीं है। दक्षिण भारत की फिल्मों में भी यह अनुभव उनके साथ हुआ। जैसे ही उन्हें सीनियर एक्टर के साथ कास्ट किया गया, कुछ युवा अभिनेताओं ने उनके साथ काम करने से इंकार कर दिया। तापसी ने इसे ‘एजिस्म’ बताया और कहा कि पुरुष अभिनेताओं के साथ ऐसा भेदभाव नहीं होता।
तापसी ने उदाहरण देते हुए कहा कि शाहरुख खान जैसे सीनियर अभिनेताओं के साथ इस तरह की बहस करना किसी के लिए आसान नहीं होता। एक्ट्रेस का करियर उनके साथ काम करने से पूरी तरह बदल सकता है। यही कारण है कि यह मुद्दा संवेदनशील होता है।
सामाजिक दृष्टि से यह मामला इंडस्ट्री में लैंगिक भेदभाव और एजिस्म के स्पष्ट उदाहरण के रूप में देखा जा सकता है। तापसी पन्नू ने जोर देकर कहा कि किसी रोल के लिए केवल युवा होना जरूरी नहीं है। अभिनय क्षमता, अनुभव और स्क्रीन प्रेजेंस ज्यादा मायने रखते हैं।
साल भर पहले तापसी ने सोशल मीडिया से ब्रेक लिया था। उनका कहना था कि वे अपने काम और निजी जीवन पर फोकस करना चाहती थीं। ब्रांड्स की एक शर्त यह भी होती है कि वे केवल उन एक्टर्स के साथ काम करें जो सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं। तापसी ने इसे समय की बर्बादी मानते हुए रियल लाइफ को प्राथमिकता दी।
वर्तमान में तापसी पन्नू ने अपनी फिल्म ‘अस्सी’ में वकील का किरदार निभाया था। आगे उनकी आने वाली फिल्में ‘वो लड़की है कहां’ और ‘गांधारी’ दर्शकों को देखने को मिलेंगी। तापसी का कहना है कि उन्हें विश्वास है कि अच्छी कहानी और अभिनय हमेशा काम करेगा, चाहे उम्र कोई भी हो।
तापसी पन्नू की यह बात इंडस्ट्री के एजिस्म और लैंगिक भेदभाव की समस्या पर ध्यान आकर्षित करती है। यह साबित करती है कि एक्टर्स को केवल उम्र के आधार पर सीमित करना सही नहीं है। उनके अनुभव से यह भी पता चलता है कि एक महिला के करियर पर उम्र का प्रभाव पुरुषों के मुकाबले ज्यादा दिखाई देता है।
तापसी का यह बयान इंडस्ट्री में बदलाव और समान अवसरों की जरूरत पर प्रकाश डालता है। यह संदेश देता है कि प्रतिभा और मेहनत उम्र या लिंग से नहीं परखी जानी चाहिए।
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