
डेस्क: पश्चिम एशिया में ईरान और इजराइल के बीच छिड़े ताजा संघर्ष की आग सीधे तौर पर दलाल स्ट्रीट तक पहुंच गई है. रविवार देर रात ईरान की ओर से इजरायल पर किए गए ताबड़तोड़ ड्रोन और मिसाइल हमलों ने दुनियाभर के निवेशकों में डर पैदा कर दिया है, जिसका असर आज यानी सोमवार सुबह बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी की भारी गिरावट के रूप में दिखा. BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप ₹4 लाख करोड़ से अधिक गिर गया है.
हफ्ते के पहले ही दिन ही बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख इंडेक्स सेंसेक्स 763 अंक यानी 1.03 फीसदी की भारी गिरावट के साथ 73,480 के स्तर पर खुला. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 255 अंक लुढ़ककर 23,111 के स्तर पर कारोबार करता दिखा.
शेयर बाजार में मची भगदड़ का असर यह रहा कि निवेशकों की गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा पल भर में स्वाहा हो गया. आंकड़ों पर गौर करें, तो 05 जून को बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹461.10 लाख करोड़ था, जो आज बाजार खुलते ही गिरकर ₹459.44 लाख करोड़ पर आ गया. इस एक झटके में निवेशकों की पूंजी में ₹4.42 लाख करोड़ की बड़ी सेंध लगी है.
सेंसेक्स की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके 30 दिग्गज शेयरों में से अधिकांश लाल निशान में कारोबार कर रहे हैं. बाजार की इस मंदी में केवल सन फार्मा और टेक महिंद्रा ही ऐसे दो शेयर रहे, जिन्होंने मामूली बढ़त के साथ खुद को बचाए रखा. बाकी सभी शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव देखा गया.
बाजार की इस चौतरफा बिकवाली के बीच निवेश का रुझान पूरी तरह बदल गया है. निवेशक जोखिम वाले सेक्टरों से अपना पैसा निकालकर सुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्रों में लगा रहे हैं. यही वजह है कि फार्मा और आईटी सेक्टर के कुछ चुनिंदा शेयरों में मामूली खरीदारी देखी गई. सनफार्मा, टेक महिंद्रा और डॉ. रेड्डी जैसे शेयरों में हल्की बढ़त रही, जो इस कठिन दौर में निवेशकों के लिए सहारा बने.
हालांकि, दूसरी तरफ ऑटो, मेटल, फाइनेंस और रियलिटी जैसे सेक्टरों पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है. विप्रो, हिंडालको, इंडिगो और टाटा मोटर्स डीवीआर जैसे दिग्गज शेयरों में 2 से 3 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली. बजाज फाइनेंस के निवेशकों को भी आज बड़ा झटका लगा है, क्योंकि शेयर 2 फीसदी से ज्यादा टूट गया है.
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