
भोपाल । केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान (Union Minister Shivraj Singh Chouhan) ने कहा कि ब्रिक्स देशों के कृषि मंत्री (Agriculture Ministers of BRICS Countries) इंदौर में 5 दिन खेती-किसानी पर मंथन करेंगे (Will brainstorm on Agriculture for 5 days in Indore) ।
मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर में पांच दिवसीय ब्रिक्स देशों का कृषि महाकुंभ होने जा रहा है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बैठक का मुख्य फोकस लघु और सीमांत किसानों पर रहेगा। शिवराज सिंह चौहान ने संवाददाता का सम्मेलन बताया कि 9 से 13 जून तक मध्य प्रदेश वैश्विक कृषि कूटनीति का प्रमुख केंद्र बनने जा रहा है, जहां ब्रिक्स कृषि कार्य समूह और सदस्य देशों के कृषि मंत्रियों की महत्वपूर्ण बैठक होगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की अध्यक्षता में हो रहा यह आयोजन खाद्य सुरक्षा, सतत कृषि, छोटे किसानों के सशक्तिकरण और कृषि नवाचार जैसे वैश्विक मुद्दों पर ठोस दिशा तय करेगा। केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने कहा कि ब्रिक्स देश विश्व के विकासशील देशों की एक प्रभावशाली आवाज हैं। इन देशों के पास दुनिया की लगभग 42 प्रतिशत कृषि भूमि है और वैश्विक कृषि उत्पादन में भी इनकी हिस्सेदारी 42 प्रतिशत से अधिक है। विश्व के करीब 58 करोड़ किसानों में से लगभग 70 प्रतिशत छोटे और सीमांत किसान ब्रिक्स देशों में रहते हैं। ऐसे में इन देशों के बीच होने वाला कृषि संवाद न केवल सदस्य देशों बल्कि पूरी दुनिया की खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत की सोच कृषि को केवल उत्पादन तक सीमित रखने की नहीं है, बल्कि इसका दायरा खाद्य और पोषण सुरक्षा, किसानों की आय वृद्धि, रोजगार सृजन और सतत विकास तक विस्तारित है। शिवराज सिंह ने बताया कि बैठक का मुख्य फोकस लघु और सीमांत किसानों पर रहेगा। छोटे किसानों के सामने जोत का छोटा आकार, सीमित संसाधन और बाजार तक पहुंच जैसी चुनौतियां हैं। इन्हें ध्यान में रखते हुए उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ लागत घटाने, अनुसंधान के लाभों को किसानों तक पहुंचाने, कृषि ऋण की उपलब्धता बढ़ाने और बाजार कनेक्टिविटी मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके साथ ही कृषि क्षेत्र में महिलाओं और युवाओं की भूमिका को भी प्राथमिकता दी गई है।
उन्होंने कहा कि कृषि कार्यबल में महिलाओं का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है, जबकि युवा नई तकनीकों और नवाचार को तेजी से अपनाने में सक्षम हैं। 12 जून को महिलाओं और युवाओं के माध्यम से भविष्य की खाद्य सुरक्षा विषय पर विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि ब्रिक्स कृषि कार्य समूह की चार प्रमुख प्राथमिकताओं में खाद्य सुरक्षा और पोषण, कृषि व्यापार एवं सहयोग, जलवायु अनुकूल और सतत कृषि तथा नवाचार और अनुसंधान साझेदारी शामिल हैं। बढ़ती आबादी और बदलती जलवायु परिस्थितियों के बीच सुरक्षित और पौष्टिक भोजन सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए देशों के बीच व्यापार, निवेश, तकनीक और बाजार पहुंच को बढ़ाना आवश्यक है।
जलवायु परिवर्तन को कृषि के लिए गंभीर चुनौती बताते हुए उन्होंने कहा कि बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, सूखा और अत्यधिक वर्षा जैसी स्थितियां किसानों को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में रीजनरेटिव फार्मिंग, क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि मिट्टी और पर्यावरण की गुणवत्ता भविष्य के लिए सुरक्षित रह सके। खाद्य अपव्यय को भी एक बड़ी वैश्विक समस्या बताते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हर वर्ष लगभग एक अरब टन खाद्यान्न बर्बाद होता है, जो न केवल संसाधनों की हानि है बल्कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन का भी एक प्रमुख कारण है। इस दिशा में भंडारण, परिवहन और सप्लाई चेन में सुधार के उपायों पर चर्चा होगी।
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