
नई दिल्ली: ईरान युद्ध (Iran War) की शुरुआत में इजराइल को अमेरिका, बहरीन और यूएई जैसे देशों का समर्थन मिल रहा था, लेकिन 100 दिन बाद हालात बदल गए हैं और मिडिल ईस्ट में इजराइल काफी हद तक अलग-थलग पड़ता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब खुलकर इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर तल्ख टिप्पणियां कर रहे हैं.
वहीं, यूएई और बहरीन ने भी इजराइल से दूरी बनानी शुरू कर दी है, सोमवार (8 जून) को तो ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू को चेतावनी दे दी कि इजराइल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ सकता है. अमेरिकी आउटलेट एक्सियोस के मुताबिक ट्रंप ने नेतन्याहू से कहा कि आप अकेले रह जाएंगे. कोई आपका जंग में साथ नहीं देगा. इसलिए आप समझौते का इंतजार करिए. ईरान पर हमला रोक दीजिए. इजराइल के विपक्षी नेताओं ने इसे संप्रभुता के खिलाफ बताया है.
इजराइल अलग-थलग क्यों पड़ रहा है?
1. एक्सियोस के मुताबिक ईरान जंग में अमेरिका और इजराइल के लक्ष्य बदल गए हैं. अमेरिका चाहता है कि बात परमाणु मुद्दे तक सीमित रहे. अमेरिका इसी को केंद्र में रखकर समझौता कर रहा है. वहीं इजराइल चाहता है कि ईरान को पूरी तरह से खत्म किया जाए. उसके प्रॉक्सी को भी निपटाया जाए. इजराइल जंग खत्म नहीं करना चाहता है.
2. अमेरिका को खाड़ी के अन्य देशों की चिंता है. यूएई, सऊदी, और कतर से अमेरिका से संबंध अच्छे हैं. ये देश नहीं चाहते हैं कि खाड़ी में कोई युद्ध हो. ट्रंप ने पिछले दिनों नेतन्याहू से बातचीत में कहा था- बाकी लोगों को भी सुनना पड़ता है. दुनिया ऐसे नहीं चलती है. इसके बावजूद नेतन्याहू जंग छेड़ने पर अमादा हैं.
3. CNN से बात करते हुए इजराइल के शीर्ष राजनयिक एलोन पिंकस का कहना है कि ट्रंप और नेतन्याहू के बीच मदभेद गहरे हो गए हैं. इसे खत्म करने की कवायद नहीं की जा रही है. पिंकस के मुताबिक ट्रंप जिस तरीके से नेतन्याहू को बार बार नीचा दिखा रहे हैं, उससे यह लग रहा है कि अब अमेरिका के राष्ट्रपति को इजराइल के प्रधानमंत्री पसंद नहीं हैं.
4. भरोसे की कमी भी एक मुख्य वजह है. जंग खत्म होने के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री कार्यालय से एक बयान जारी किया गया. इसमें कहा गया कि जंग के दौरान नेतन्याहू यूएई गए थे, जहां पर उन्होंने यूएई के राष्ट्रपति से मुलाकात की. यूएई ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. वहीं ईरान ने यूएई पर धोखा देने का आरोप लगाया. यूएई ने इसके बाद इजराइल से फिलहाल दूरी बना ली है.
नेतन्याहू के खिलाफ ट्रंप की तल्ख टिप्पणी
पिछले हफ्ते ट्रंप ने फोन कर नेतन्याहू पर जमकर गुस्सा उतारा. ट्रंप लेबनान पर इजराइल के हमले से नाराज थे. ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू से कहा कि आप मेरी वजह से अभी जेल में नहीं गए हैं. आप इतनी जल्दी एहसान भूल जाते हैं. ट्रंप ने आगे कहा कि आप मेरी योजना में दखल देकर उसे बिगाड़ रहे हैं. एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि मैं जो कहूंगा, नेतन्याहू उसे मानेंगे. उनके पास कोई विकल्प नहीं है. सोमवार को ट्रंप ने फिर नेतन्याहू को फोन कर सुनाया है. वहीं नेतन्याहू से जब सीएनबीसी के इंटरव्यू में ट्रंप को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया.
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