
नई दिल्ली. “सर, यह मोटर टैंकर मारिवेक्स (Motor Tanker Marivex) है. जहाज (Ship) में आग (fire) लगी हुई है और यह डूब रहा है. कृपया हमारी मदद कीजिए.” ओमान के तट के पास समुद्र में फंसे एक भारतीय नाविक (Indian Sailor) की यह आवाज अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है. अमेरिकी मिसाइल (American missile) हमले के बाद तेल टैंकर एमटी मारिवेक्स पर सवार 24 भारतीयों की जान खतरे में पड़ गई थी. जहाज के इंजन रूम में मिसाइल लगने से आग भड़क गई और जहाज में बड़ा छेद हो गया था.
संकट की इस घड़ी में जहाज से भेजी गई SOS कॉल में एक क्रू सदस्य लगातार मदद की गुहार लगाता सुनाई देता है. वह कहता है, “यूएस नेवी का हमला हुआ है. मिसाइल हमारे इंजन रूम में लगी है. नीचे बड़ा छेद हो गया है. जहाज में आग लगी है. कृपया जल्दी मदद भेजिए. हम सभी 24 क्रू सदस्य भारतीय हैं.”
यह घटना सोमवार को ओमान के मसिराह तट के पास हुई. पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर एमटी मारिवेक्स को अमेरिकी सेना ने निशाना बनाया. अमेरिका का आरोप था कि यह जहाज ईरान के बंदरगाह की ओर बढ़ रहा था और उसने अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन किया था.
Swift response by #MRCC #Mumbai following missile attack on MT Marivex in #OmanSRR.
On receiving information, MRCC Mumbai immediately coordinated with OMSC Oman, ensuring the safe rescue of 24 #Indian crew by #Oman Navy helicopters.@IndiaCoastGuard remains steadfast in its… pic.twitter.com/ULDjzgEK4g
— Indian Coast Guard (@IndiaCoastGuard) June 9, 2026
घटना की जानकारी मिलते ही भारतीय तटरक्षक बल का मुंबई स्थित मैरीटाइम रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (MRCC) सक्रिय हो गया. दोपहर करीब 2:20 बजे सूचना मिलने के बाद MRCC ने तुरंत ओमान मैरीटाइम सर्च एंड रेस्क्यू सेंटर (OMSC) से संपर्क किया और पूरे अभियान की निगरानी शुरू कर दी.
इसके बाद ओमान की रॉयल एयर फोर्स ने बचाव अभियान शुरू किया. मसिराह द्वीप के एयरबेस से एक हेलीकॉप्टर उड़ान भरकर टैंकर की तरफ रवाना हुआ. करीब 20 मिनट बाद हेलीकॉप्टर जहाज तक पहुंचा और वहां फंसे सभी 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
भारतीय तटरक्षक बल ने इस अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि भारत और ओमान के बीच कोऑर्डिशेन से सभी भारतीय नागरिकों की जान बचाई जा सकी. तटरक्षक बल ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है.
उधर अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि जहाज को रोकने के लिए कार्रवाई की गई थी. अमेरिकी बयान के मुताबिक, यूएसएस अब्राहम लिंकन पर तैनात एफ/ए-18 सुपर हॉर्नेट लड़ाकू विमान ने जहाज के इंजन और स्टीयरिंग सेक्शन पर सटीक हमला किया. अमेरिका का दावा है कि जहाज को पहले कई बार चेतावनी दी गई थी, लेकिन उसने निर्देशों का पालन नहीं किया.
भारत के विदेश मंत्रालय ने भी घटना की पुष्टि की. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि जहाज पर मौजूद सभी 24 भारतीय नागरिक सुरक्षित हैं. उन्होंने ओमान सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि भारतीय दूतावास लगातार नाविकों के संपर्क में है और उनकी हरसंभव सहायता की जा रही है.
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