
नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में भारी बारिश (Heavy rain), बाढ़ और भूस्खलन से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के लाहौल-स्पीति जिले में बादल फटा है, जिससे एक पुल और सड़क बह गई तथा कई गांवों का संपर्क कट गया है। असम में बाढ़ से अब तक 68 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, गुजरात (Gujarat) और दादरा व नगर हवेली (Dadra and Nagar Haveli) में भारी बारिश से हाहाकार मचा हुआ है। सेना को कमान संभालनी पड़ी है, जिसने बाढ़ प्रभावित इलाकों से 790 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला है। मौसम विभाग ने अगले दो-तीन दिनों तक उत्तर-पश्चिम से लेकर पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में घनघोर बारिश का अलर्ट (Alert) जारी किया है।
असम के हालात जानने के लिए पीएम मोदी ने किससे की बात?
असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल को फोन कर हालात की जानकारी ली। सोनोवाल बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने के लिए राज्य के दौरे पर हैं।
हिमाचल में बादल फटने से कितना बड़ा नुकसान हुआ?
हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले की मयाड़ घाटी के धांधल नाला क्षेत्र में शनिवार रात बादल फट गया। इसके चलते पहाड़ी नाले में अचानक उफान आ गया, जिसने एक पुल और सड़क को बहा दिया। इस घटना के बाद मयाड़ घाटी के सात गांवों का संपर्क पूरी तरह कट गया।
गुजरात में सेना क्यों संभाल रही है राहत अभियान की कमान?
गुजरात में मूसलाधार बारिश से हालात बेहद खराब हो गए हैं। सेना व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हुई है। आपदा में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें से 29 मौतें सबसे अधिक प्रभावित वलसाड और नवसारी जिलों में हुई हैं। पिछले तीन दिनों से सेना के जवान एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
ओडिशा में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट क्यों जारी किया?
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र रविवार को और गहरा होकर डिप्रेशन में बदल गया है। अगले 24 घंटे के दौरान इसके और मजबूत होकर उत्तर ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटों को पार करने की संभावना है। इसके प्रभाव से 29 जुलाई तक सुंदरगढ़, क्योंझर और मयूरभंज जिलों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है।
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