
नई दिल्ली। दिल्ली (Delhi) के भारत मंडपम (Bharat Mandapam) में आज एनडीए की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता पीएम मोदी ने की। इस बैठक में एनडीए के घटक दलों के बड़े नेता मौजूद रहे। इस दौरान पीएम मोदी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह एनडीए के नेताओं को झालमुरी बांटते हुए दिखे। पीएम मोदी ने खुद भी झालमुरी खाई।
गौरतलब है कि पीएम मोदी ने पंडित नेहरू का एक बड़ा रिकॉर्ड तोड़ा है। दरअसल पीएम मोदी लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले भारत के निर्वाचित पीएम बन गए हैं। पीएम मोदी के नाम लगातार 4,399 दिनों तक प्रधानमंत्री पद पर रहने का रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। इससे पहले पंडित नेहरू ने लगातार 4,398 दिनों तक निर्वाचित पीएम के रूप में कार्य किया था। इस मौके पर एनडीए के नेताओं ने पीएम मोदी का सम्मान किया और उन्हें उपहार दिए।
झालमुरी की खूब हुई चर्चा
इस बैठक की इस बात को लेकर खूब चर्चा हो रही है कि पीएम मोदी ने साथी नेताओं को झालमुरी खिलाई। ये इसलिए भी अहम है क्योंकि पीएम मोदी जब पश्चिम बंगाल गए थे तो वहां भी उन्होंने झालमुरी खाई थी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी को शानदार जीत भी हासिल हुई थी। इस चुनाव में हार के बाद से तृणमूल कांग्रेस अपने सबसे बुरे वक्त से गुजर रही है और पार्टी टूटने की कगार पर है।
झालमुरी क्या होती है और कैसे बनती है?
झालमुरी कोलकाता (पश्चिम बंगाल) का प्रसिद्ध स्ट्रीट फूड है। दरअसल ये खाने में तीखी और चटपटी होती है इसलिए इसे झालमुरी कहते हैं। बंगाली में झाल का मतलब तीखा होता है और मुरी का मतलब है मुरमुरा। इसे बनाने के लिए मुरमुरा, कच्चा सरसों का तेल, प्याज, टमाटर, हरी मिर्च, आलू, मूंगफली, भुना चना, भुजिया या सेव, धनिया पत्ता, नींबू का रस, मसाले (जीरा पाउडर, काला नमक, चाट मसाला, नमक, लाल मिर्च पाउडर) का इस्तेमाल किया जाता है। वैसे तो देश में तमाम जगहों पर झालमुरी बिकती है लेकिन कोलकाता में ये काफी प्रसिद्ध है और जब से पीएम मोदी ने इसे खाया है, तब से सियासी गलियारों में इसको लेकर तमाम बार चर्चा हो चुकी है।
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