वाशिंगटन। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) को लेकर नई कूटनीतिक गतिविधियां सामने आई हैं। अमेरिका और ईरान (US and Iran) के बीच हालिया समझौते की दिशा में हुई प्रगति के बाद ईरान और ओमान ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग में जहाजों की सुरक्षित और स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
मंगलवार को ओमान के विदेश मंत्री बदर अलबुसैदी और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा और समुद्री यातायात से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
ओमान की सरकारी समाचार एजेंसी के अनुसार, दोनों देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की निर्बाध और सुरक्षित आवाजाही बनाए रखने पर सहमति व्यक्त की। साथ ही क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा के लिए राजनीतिक एवं कूटनीतिक प्रयासों को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की खबरें सामने आई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि दोनों देशों के बीच समझौते पर सहमति बन चुकी है और होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह सामान्य स्थिति में लाने की प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं, ईरान की ओर से संकेत दिए गए हैं कि अंतिम औपचारिक हस्ताक्षर स्विट्जरलैंड में प्रस्तावित बैठक के दौरान किए जा सकते हैं।
पिछले कुछ महीनों में होर्मुज स्ट्रेट क्षेत्रीय तनाव का प्रमुख केंद्र बना रहा था। अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़े टकराव के दौरान ईरान ने इस क्षेत्र में निगरानी और नियंत्रण को और सख्त कर दिया था। इसी दौरान जहाजों की आवाजाही और संभावित शुल्क संबंधी चर्चाओं ने भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत की चिंता बढ़ा दी थी।
हालांकि ताजा संयुक्त रुख को समुद्री यातायात सामान्य करने की दिशा में सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। विशेष रूप से ‘फ्री पैसेज’ यानी स्वतंत्र आवाजाही पर दिया गया जोर इस बात की ओर इशारा करता है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों को बिना अतिरिक्त बाधाओं के मार्ग उपलब्ध कराने की मंशा जताई गई है।
होर्मुज स्ट्रेट भौगोलिक दृष्टि से ईरान और ओमान के बीच स्थित एक महत्वपूर्ण समुद्री गलियारा है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर और दुनिया के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्गों से जोड़ता है। वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर गुजरता है। अनुमान है कि दुनिया के कुल तेल व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी जलमार्ग पर निर्भर करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज स्ट्रेट में स्थिरता केवल क्षेत्रीय ही नहीं बल्कि वैश्विक आर्थिक हितों के लिए भी आवश्यक है। ऐसे में ईरान और ओमान की हालिया पहल को अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और समुद्री व्यापार के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है। हालांकि क्षेत्र की संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए दुनिया की निगाहें आगामी कूटनीतिक घटनाक्रमों पर बनी रहेंगी।
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