
नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका प्रशासन लगातार कुछ न कुछ करता ही रहता है. इसी फेहरिस्त में कुछ नई चीजें भी शामिल की गई हैं. ट्रंप प्रशासन ने रक्षा विभाग का नाम बदलकर युद्ध विभाग (Department of War) करने का फैसला ले लिया. इसी तरह US इंडो-पैसिफिक कमांड (US Indo-Pacific Command) की जगह US पैसिफिक कमांड (USPACOM) का आधिकारिक नाम फिर से रख दिया. अमेरिका की ओर से नाम से Indo शब्द हटाए जाने पर कांग्रेस ने निशाना साधा है.
कांग्रेस ने पीएम मोदी और केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए कहा, “फिर एक नया दिन, और अमेरिका की ओर से भारत की एक और तौहीन. यही तो एक ‘Compromised प्रधानमंत्री’ नरेंद्र मोदी की देन है.” अमेरिका ने कल बुधवार अपने सबसे पुराने कमांड US Pacific Command (USPACOM) के नाम को दोबारा से बहाल कर दिया. इससे पहले इस कमांड का नाम बदलकर साल 2018 में US Indo-Pacific Command कर दिया गया था. लेकिन इसमें से अब Indo शब्द हटा दिया गया है. माना जा रहा है कि यह फैसला भारत के महत्व और साख पर करारा प्रहार है.
मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने अमेरिका के रक्षा मंत्री के उस बयान को उजागर करते हुए कहा कि मई 2018 में जब ट्रंप का पहला कार्यकाल था, तब के रक्षा मंत्री जिम मैटिस ने बड़े गर्व के साथ इसे Indo-Pacific Command नाम दिया था. और तब उन्होंने यह कहा था कि, “हमें भारतीय महासागर, भारतीय उपमहाद्वीप और निश्चित रूप से खुद भारत की बढ़ती अहमियत को मानना ही होगा. इसलिए मैं यह सुनिश्चित करना चाहता हूं कि कमांड का नाम जमीनी हकीकत दिखाये.”
कांग्रेस ने कहा कि तब यह एक ऐसा कदम था जिसने भारत की उभरती शक्ति को स्वीकारा. मैटिस ने बॉलीवुड से हॉलीवुड, पेंगुइन से पोलर बियर तक साझेदारियों की भी बात की थी. यह QUAD के नजरिए से भी बड़ा कदम माना जा रहा था जिसमें अमेरिका, भारत, जापान, ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं. लेकिन अब, 8 साल बाद, उसी राष्ट्रपति ट्रंप के शासनकाल में Indo शब्द हटा दिया गया है. भारत का नाम हटाने में यह साफ अमेरिकी संदेश है कि अमेरिका के लिए हमारी अहमियत घट गई है.
पीएम मोदी पर हमला बोलते हुए कांग्रेस ने कहा कि यह नाम परिवर्तन ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका ने हमारे नाविकों की क्रूर हत्या की, मार्को रुबियो ने भारत का अपमान किया, एकतरफा ट्रेड डील हम पर थोप दी गई, हम पर बहुत ऊंचे टैरिफ भी लगाए गए, भारत-विरोधी अप्रवासन नीतियां बनायीं और उसने दुश्मन देश पाकिस्तान के साथ अपनी नजदीकियां बढ़ाईं.
INDO नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस ने कहा, “INDO नाम हटाया जाना कोई छोटी बात नहीं है क्योंकि इरादा तो संदेश देना है. वरना कोई अपने प्रमुख कमांड का नाम 8 साल में 2 बार थोड़े ही बदलता है. यह नाम परिवर्तन भारत का अपमान है. लेकिन पूरा देश एक ‘compromised प्रधानमंत्री’ होने का खामियाजा भुगत रहा है, जिनको इंस्टाग्राम रील से फुर्सत ही नहीं है.” कांग्रेस ने कहा कि ट्रंप के साथ अपनी मीटिंग में पीएम मोदी इस मुद्दे को उठा पाने की हिम्मत तो नहीं जुटा पाए लेकिन एक बात साफ है कि अमेरिका ने मोदी की ‘कोई बड़ी नस दबायी हुई है.”
इससे पहले अमेरिका ने कल बुधवार को अपने 8 साल पुराने फैसले को पलटते हुए US इंडो-पैसिफिक कमांड का नाम बदलकर फिर से US पैसिफिक कमांड (यूएसपीएकॉम) कर दिया है. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने इस फैसले का ऐलान करते हुए कहा कि US पैसिफिक कमांड नाम 1947 में तत्कालीन राष्ट्रपति हैरी एस. ट्रूमैन द्वारा स्थापित कमान की ऐतिहासिक जड़ों का सम्मान करता है.
साथ ही, US पैसिफिक कमांड की वेबसाइट पर मौजूद जिम्मेदारी वाले इलाके के मैप ने देश में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं पैदा कर दी हैं. इसमें भारत की सीमाओं को सही रूप में नहीं दिखाया गया है. मैप में, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा नहीं दिखाया गया है.
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