
नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) में शनिदेव (Shani Dev) को कर्मों के अनुसार फल देने वाला ग्रह माना जाता है। अगस्त में शनि की नक्षत्र स्थिति में होने वाला परिवर्तन कई राशियों (Zodiac signs) के जीवन पर प्रभाव डाल सकता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 20 अगस्त को शनिदेव रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश करेंगे और 9 अक्टूबर तक इसी नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।
रेवती नक्षत्र के स्वामी बुध ग्रह हैं। ऐसे में शनि और बुध का यह संयोग सभी 12 राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डाल सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में मेष, कर्क और वृश्चिक राशि के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।
मेष राशि
इस दौरान आर्थिक मामलों में सावधानी रखना जरूरी होगा। बिना पूरी जानकारी के निवेश करने से नुकसान हो सकता है। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, इसलिए कोई भी फैसला सोच-समझकर लें। गुस्से और जल्दबाजी से बचें, क्योंकि इससे विवाद की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भी परेशानी बढ़ा सकती है।
कर्क राशि
कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय मानसिक दबाव बढ़ा सकता है। अधिक सोचने की बजाय धैर्य और समझदारी से निर्णय लेना बेहतर रहेगा। नया कारोबार या निवेश शुरू करने से पहले पूरी योजना तैयार करें। रिश्तों में पारदर्शिता बनाए रखें, क्योंकि छोटी-छोटी बातें गलतफहमी का कारण बन सकती हैं। यात्रा के दौरान भी अतिरिक्त सावधानी रखें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों को इस अवधि में खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत होगी। बजट बनाकर चलें और किसी पर भी आर्थिक मामलों में आंख मूंदकर भरोसा न करें। कार्यक्षेत्र में मेहनत का परिणाम मिलने में समय लग सकता है, इसलिए धैर्य बनाए रखें। अनावश्यक बहस से बचें और किसी भी स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज न करें।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ये उपाय लाभकारी माने जाते हैं-
– शनिवार को भगवान हनुमान की पूजा करें और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
– काली उड़द, काले तिल या जूते-चप्पल का जरूरतमंदों को दान करें।
– वाणी में संयम रखें, अच्छा आचरण अपनाएं और किसी को अनावश्यक कष्ट देने से बचें।
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