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भारत अन्य देशों को कितने रुपये के हथियार बेचता है, अगले 3 साल में क्या है लक्ष्य? राजनाथ सिंह ने बताया आंकड़ा

June 19, 2026

नागपुर। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को महाराष्ट्र के नागपुर में अंबाझरी स्थित यंत्र इंडिया लिमिटेड के आयुध निर्माण परिसर में 10000 टन क्षमता वाले एल्युमिनियम एक्सट्रूजन प्रेस परियोजना का भूमि पूजन किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद थे। यह परियोजना देश की रक्षा और एयरोस्पेस उत्पादन क्षमता को मजबूत करेगी। नए प्लांट में रक्षा क्षेत्र के लिए उच्च गुणवत्ता वाले एल्युमिनियम कॉम्पोनेंट्स तैयार किए जाएंगे। इससे महत्वपूर्ण रक्षा उपकरणों के लिए आयात पर निर्भरता कम होगी।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज जो यह काम यहां प्रारंभ हो रहा है आने वाले कई वर्षों तक इसका असर दिखाई देगा, इसका असर रक्षा व्यवस्था पर भी दिखाई देगा एवं नागपुर के विकास पर भी दिखाई देगा, यह पूरे देश के लिए प्रसन्नता का अवसर है। आज 10000 टन क्षमता वाले एल्युमिनियम एक्सट्रूजन प्रेस परियोजना का भूमि पूजन हुआ है। यह हमारी बदलती हुई सोच का प्रतीक है। देश की जरूरत के लिए कभी बाहर की तरफ नजर उठा कर देखना पड़ता था, अब उसका अपने ही देश में निर्माण कर रहे हैं और अपने देशवासियों द्वारा इसका निर्माण कर रहे हैं और यह आवश्यक भी है।


  • राजनाथ सिंह ने कहा- “आज दुनिया के हालात हम सभी अच्छे तरीके से देख रहे हैं। जब युद्ध चल रहे होते हैं तो, सप्लाई की व्यवस्था प्रभावित होती हैं। हर देश चाहता है कि ऐसे समय में उसकी सुरक्षा से जुड़ी आवश्यकता उसी की हाथों में रहे, उन्हीं के हाथों द्वारा निर्मित हो। जो देश अपनी जरूरतें खुद पूरी कर सकता है, वही देश अपने विश्वास से कदम आगे बढ़ा सकता है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में आगे कहा कि आत्मनिर्भरता का मतलब है हम अपने हितों की रक्षा के लिए, पूरे आत्मविश्वास के साथ, पूरे कॉन्फिडेंस के साथ खड़े रहे। हमारे पास हमारा ज्ञान हो, हमारी टेक्नोलॉजी हो, अपने लोग हों, अपने ऊपर स्वयं का भरोसा भी हो। जब भी चारों एक साथ खड़े हो जाते है तो कोई देश सचमुच में आत्मनिर्भर बन जाता है।”

    राजनाथ सिंह ने कहा- “2014 में हमारा डोमेस्टिक डिफेंस प्रोडक्शन मात्र 46000 करोड़ था। आज मुझे घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि अब वह बढ़कर 1,78,000 करोड़ से अधिक का हो चुका है। 2014 में भारत का जो डिफेंस एक्सपोर्ट था, वह बहुत कम हुआ करता था। हम 1,000 करोड़ रुपये से भी कम के हथियार और साजो-सामान, दुनिया को बेच पाते थे। लेकिन अब वह बढ़कर रिकॉर्ड, 38,424 करोड़ रूपये तक पहुंच गया है। यह केवल आंकड़ों की वृद्धि नहीं है, यह भारत के सामर्थ्य की वृद्धि है। ये केवल प्रोडक्शन का बढ़ना नहीं है, ये देश के आत्मविश्वास का बढ़ना है। आने वाले 2 से 3 सालों में 3 लाख करोड़ के डिफेंस प्रोडक्शन, 50000 करोड़ के डिफेंस एक्सपोर्ट का हमने लक्ष्य रखा है। हमने इस काम को टाइमलाइन से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

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