
तिरुवनंतपुरम । मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन (Chief Minister V.D. Sateeshan) ने कहा कि सरकार ‘नए दौर का केरल’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है (Government is committed to building ‘New-Age Kerala’ ) ।
ढाई दशक से ज़्यादा समय तक विधायक रहने के बाद केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने शुक्रवार को अपना पहला बजट पेश किया। केरल की वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र के आंकड़ों के साथ अपना भाषण शुरू करते हुए मुख्यमंत्री सतीशन ने माना कि राज्य गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि सरकार ‘नए दौर का केरल’ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि यह बजट अच्छे शासन और संवेदना के सिद्धांतों पर आधारित है, जिसमें कल्याणकारी वादों और निवेश-आधारित विकास के बीच संतुलन बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की कुल देनदारियां, जिनमें केरल इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट फंड बोर्ड (केआईआईएफबी) और सोशल सिक्योरिटी कंपनी शामिल हैं, 87,012 करोड़ रुपए हैं। बजट का मुख्य फोकस निवेश आकर्षित करने और रोजगार पैदा करने पर था।
सरकार ने राज्यभर में 10,000 एमएसएमई यूनिट शुरू करने में मदद के लिए ‘केरल एमएसएमई ग्रोथ स्कीम’ का ऐलान किया। इसमें सहायता, रिवॉल्विंग फंड और एक्सपर्ट की सलाह जैसी सुविधाएं मिलेंगी। ‘इन्वेस्ट केरल सेल’ एक सिंगल-विंडो सिस्टम के तौर पर काम करेगा, जो जमीन, मंजूरी और इन्वेस्टर सपोर्ट से जुड़ी रुकावटों को दूर करेगा। बजट में ‘मिशन समुद्र’ के जरिए केरल की समुद्री अर्थव्यवस्था को बड़ा बढ़ावा दिया गया। यह एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है जिसका मकसद बंदरगाहों, सड़कों, रेलवे और इनलैंड वॉटरवेज को जोड़कर केरल को एक समुद्री हब बनाना है।
सरकार ने केरल को एक पोर्ट सिटी के तौर पर विकसित करने, विझिनजम में जहाज बनाने का सेंटर बनाने और कोल्लम, बेपोर और अजिक्कल जैसे बंदरगाहों को मजबूत करने की योजना का ऐलान किया। बजट में एविएशन सेक्टर पर भी ध्यान दिया गया। राज्य के चार इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स को जोड़कर केरल को दक्षिण भारतीय एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की योजना है। युवा पीढ़ी के लिए एक अहम ऐलान ‘जेन-जी’ एंटरप्रेन्योर्स के लिए खास स्टार्टअप पहल थी, जिसके लिए शुरुआती तौर पर 50 करोड़ रुपए रखे गए हैं। यह स्कीम युवा इनोवेटर्स को आर्थिक मदद, बिना ब्याज के लोन, सब्सिडी और तकनीकी सहायता देगी।
हेल्थकेयर भी बजट का एक और अहम हिस्सा बनकर उभरा। सरकार ने ‘ओमन चांडी हेल्थ इंश्योरेंस स्कीम’ का ऐलान किया, जिसमें हर परिवार को 25 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा देने का वादा किया गया है और शुरुआती तौर पर इसे लागू करने के लिए 10 करोड़ रुपए रखे गए हैं। राज्य को मेडिकल और रिसर्च के केंद्र के तौर पर स्थापित करने के लिए 100 करोड़ रुपए के बजट के साथ ‘केरल हेल्थ एंड लाइफ साइंस सिटी’ भी बनाई जाएगी। बजट में ‘केरल नॉलेज वैली’ बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि दुनियाभर की यूनिवर्सिटीज को आकर्षित किया जा सके, रिसर्च की सुविधाओं को बढ़ाया जा सके और उच्च शिक्षा को मजबूत किया जा सके। ‘फ्यूचर रेडीनेस थिंक टैंक’ के जरिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग और बायोटेक्नोलॉजी जैसे एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेक्टर पर ध्यान दिया जाएगा।
सरकार ने बुजुर्गों के लिए ‘सिल्वर इकोनॉमी’ प्रोग्राम, देखभाल करने वालों के लिए सर्टिफिकेशन कोर्स, आदिवासी स्वास्थ्य क्लस्टर, तटीय देखभाल यूनिट और दुर्लभ बीमारियों के इलाज में मदद के उपाय भी घोषित किए। कृषि, मछली पालन और ग्रामीण क्षेत्रों पर भी काफी ध्यान दिया गया, जिसमें रबर के सपोर्ट प्राइस को 200 रुपए से बढ़ाकर 250 रुपए प्रति किलोग्राम करना, मछली पालन के लिए ज्यादा मदद और एससी/एसटी कल्याण के लिए अतिरिक्त फंड देना शामिल है। बजट में संस्कृति और पर्यटन को भी बढ़ावा दिया गया है, जिसमें पर्यटन को उद्योग का दर्जा देना, कोच्चि में फिल्म सिटी बनाना और मशहूर हस्तियों के लिए सांस्कृतिक केंद्र व स्मारक बनाना शामिल है।
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