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अमेरिका ने समझौता तोड़ा तो मिलेगा कड़ा जवाब, ईरान की दो टूक चेतावनी

June 20, 2026

तेहरान/दुबई। अमेरिका (US) के साथ हालिया समझौते के बाद ईरान (Iran) ने स्पष्ट कर दिया है कि वह बातचीत के रास्ते पर आगे बढ़ने को तैयार है, लेकिन किसी भी तरह के समझौता उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं करेगा। ईरान के शीर्ष वार्ताकार और संसद अध्यक्ष बाघेर गालिबफ (Ghalibuff without) ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वॉशिंगटन या उसके सहयोगी समझौते की शर्तों से पीछे हटते हैं, तो तेहरान निर्णायक और सख्त जवाब देगा।


  • गालिबफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में कहा कि ईरान अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई द्वारा तय दिशा-निर्देशों और शर्तों के अनुरूप समझौते को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि दूसरी तरफ से समझौते का उल्लंघन किया गया या अनुचित मांगें थोपने की कोशिश हुई, तो ईरान पूरी मजबूती से प्रतिक्रिया देगा।

    उन्होंने कहा कि विरोधी पक्ष यदि अपने वादों से मुकरता है या दबाव की नीति अपनाता है, तो ईरान को जवाबी कार्रवाई करने में कोई संकोच नहीं होगा।

    खामेनेई ने सीधी वार्ता का किया समर्थन

    इस बीच ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी अमेरिका के साथ प्रत्यक्ष वार्ता का समर्थन किया है। सरकारी मीडिया के अनुसार, उन्होंने कहा कि आमने-सामने की बातचीत का मतलब यह नहीं है कि ईरान अपने विरोधी के दृष्टिकोण को स्वीकार कर रहा है।

    अमेरिका और ईरान के बीच हाल में हुए युद्धविराम और समझौते के बाद खामेनेई की यह पहली सार्वजनिक प्रतिक्रिया मानी जा रही है। युद्ध के शुरुआती दिनों में हुए एक हमले में घायल होने के बाद से वह सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर नहीं आए हैं।

    होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को राहत

    ईरान ने अमेरिका के साथ हुए समझौता ज्ञापन के तहत एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा है कि 60 दिनों की वार्ता अवधि के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।

    परसियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी (PGSA) की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि इस अंतरिम व्यवस्था के दौरान पोतों को अपने आगमन से कम-से-कम 48 घंटे पहले ट्रांजिट अनुरोध देना होगा। जहाजों को अपने तय मार्ग और पारगमन समय की जानकारी भी अग्रिम रूप से उपलब्ध करानी होगी।

    ईरान ने स्पष्ट किया कि इस अवधि में सुरक्षा शुल्क, नौवहन सुरक्षा सेवा शुल्क, पर्यावरणीय सेवा शुल्क और संबंधित बीमा शुल्क पूरी तरह माफ रहेंगे। माना जा रहा है कि यह कदम क्षेत्रीय व्यापार और समुद्री यातायात को सामान्य बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

    क्षेत्रीय तनाव पर टिकी दुनिया की नजर

    अमेरिका और ईरान के बीच हालिया समझौते के बाद पश्चिम एशिया में तनाव कुछ कम होता दिखाई दे रहा है, लेकिन दोनों देशों के बयानों से साफ है कि आपसी अविश्वास अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। ऐसे में आगामी 60 दिनों की वार्ता अवधि को क्षेत्रीय स्थिरता और भविष्य के संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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