
नई दिल्ली । साउथ सिनेमा के सुपरस्टार (supper star) अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) एक बार फिर कानूनी मुश्किलों को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। हैदराबाद (Hyderabad) की नामपल्ली कोर्ट (Nampally Court) ने उन्हें संध्या थिएटर (Sandhya Theatre) भगदड़ मामले में समन जारी करते हुए 22 जून को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का आदेश दिया है। यह मामला फिल्म ‘पुष्पा 2’ की स्क्रीनिंग के दौरान हुए एक दर्दनाक हादसे से जुड़ा है, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी और उनका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था।
जानकारी के अनुसार, चिक्कड़पल्ली पुलिस द्वारा दाखिल चार्जशीट में अल्लू अर्जुन को आरोपी नंबर 11 बनाया गया है। इस मामले में कुल 19 लोगों को आरोपी बनाया गया है, जबकि संध्या थिएटर के प्रबंधन से जुड़े 10 लोगों को मुख्य रूप से जिम्मेदार बताया गया है। अदालत ने सभी आरोपियों को समन जारी किया है और मामले की अगली सुनवाई में उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
यह घटना 4 दिसंबर 2024 की है, जब हैदराबाद के संध्या थिएटर में ‘पुष्पा 2’ के स्पेशल शो के दौरान भारी भीड़ जमा हो गई थी। इसी दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें रेवती नाम की महिला की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा श्रीतेज गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस वक्त चर्चा में आया था और सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े हुए थे।
इस मामले में अल्लू अर्जुन की लीगल टीम ने बयान जारी करते हुए कहा है कि अदालत ने उन्हें सुनवाई के लिए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है और वे आगे की कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहे हैं। टीम ने कहा कि वे इस मामले में आवश्यक जानकारी समय पर साझा करेंगे।
घटना के बाद अल्लू अर्जुन के परिवार ने पीड़ित परिवार से मुलाकात भी की थी। उनके पिता अल्लू अरविंद और पत्नी स्नेहा रेड्डी ने अस्पताल जाकर घायल श्रीतेज का हाल जाना था और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया था। इसके साथ ही उन्होंने श्रीतेज की बहन की शिक्षा का पूरा खर्च उठाने की भी बात कही थी।
मौजूदा समय में घायल श्रीतेज का इलाज और पुनर्वास जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई महीनों तक आईसीयू में रहने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी गई, लेकिन अभी भी उनका न्यूरोलॉजिकल इलाज और थेरेपी चल रही है। परिवार के अनुसार उनकी हालत में बहुत धीरे सुधार हो रहा है और वह अभी भी पूरी तरह से सामान्य नहीं हो पाए हैं।
इस पूरे मामले ने फिल्म इंडस्ट्री में भी सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजरें 22 जून को होने वाली अदालत की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां आगे की कानूनी दिशा तय हो सकती है।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved