नई दिल्ली। देश के राष्ट्रीय राजमार्गों (NAHI) और एक्सप्रेसवे (Expressway) पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए जल्द ही नया ट्रैफिक सिस्टम (New traffic system) लागू होने जा रहा है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने पहली बार मौसम के अनुसार बदलने वाली डायनमिक स्पीड लिमिट व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। इसके तहत बारिश, घना कोहरा, धूलभरी आंधी या अन्य खराब मौसम की स्थिति में वाहनों की अधिकतम गति स्वतः कम कर दी जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर ई-चालान जारी होगा।
नई व्यवस्था के अनुसार सामान्य मौसम में कारों के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर अधिकतम गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा और एक्सप्रेसवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटा बनी रहेगी। लेकिन मौसम खराब होने पर यही सीमा घटाकर 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक की जा सकती है।
इस सिस्टम के लिए हाईवे और एक्सप्रेसवे पर आधुनिक विजिबिलिटी सेंसर और वेदर स्टेशन लगाए गए हैं। ये उपकरण लगातार मौसम और दृश्यता की निगरानी करेंगे। जैसे ही कोहरा, बारिश या धूलभरी आंधी जैसी स्थिति बनेगी, सेंसर इसकी जानकारी तुरंत एनएचएआई के ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर को भेज देंगे।
इसके बाद कंट्रोल रूम से रीयल-टाइम अलर्ट जारी किए जाएंगे। यह सूचना सड़क किनारे लगे डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड, वाहनों की स्क्रीन और ड्राइवरों के मोबाइल फोन तक पहुंचाई जाएगी, ताकि चालक समय रहते अपनी गति नियंत्रित कर सकें।
मोबाइल पर मिलेगा सुरक्षा अलर्ट
नई तकनीक में जियो-फेंसिंग और सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसके तहत प्रभावित क्षेत्र के आसपास एक वर्चुअल सीमा निर्धारित की जाएगी। जैसे ही कोई वाहन उस दायरे में प्रवेश करेगा, चालक के मोबाइल पर स्वतः सुरक्षा संदेश पहुंच जाएगा।
खास बात यह है कि सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक के जरिए अलर्ट पाने के लिए इंटरनेट की आवश्यकता नहीं होगी। स्थानीय मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से यह संदेश सीधे फोन तक पहुंच जाएगा।
हादसों में बड़ी कमी आने का दावा
मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, आईआईटी विशेषज्ञों द्वारा तैयार सिमुलेशन मॉडल में अनुमान लगाया गया है कि डायनमिक स्पीड लिमिट और रीयल-टाइम चेतावनी प्रणाली लागू होने के बाद एक्सप्रेसवे पर होने वाली दुर्घटनाओं में 70 से 80 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। विशेष रूप से कम दृश्यता के कारण होने वाले हादसों को रोकने में यह तकनीक प्रभावी साबित हो सकती है।
इन एक्सप्रेसवे पर होगी शुरुआत
योजना के पहले चरण में इस प्रणाली को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के कुछ चयनित हिस्सों पर परीक्षण के तौर पर लागू किया जाएगा। परीक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव और तकनीकी सुधारों के बाद अगले वर्ष तक इसे देश के प्रमुख ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और दुर्घटना-प्रभावित राष्ट्रीय राजमार्गों पर विस्तार देने की योजना है।
हर साल हजारों जानें जाती हैं
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, भारत में हर वर्ष लगभग 1.5 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाते हैं। इनमें करीब 17 प्रतिशत दुर्घटनाएं खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण होती हैं, जिनमें लगभग 25 हजार लोगों की मौत हो जाती है। सरकार का मानना है कि नई तकनीक सड़क सुरक्षा बढ़ाने और जान-माल के नुकसान को कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।
डायनमिक स्पीड लिमिट लागू होने के बाद हाईवे पर वाहन चलाने वालों को मौसम के अनुसार निर्धारित गति का पालन करना होगा, क्योंकि अब सिर्फ कैमरे ही नहीं बल्कि मौसम भी आपकी रफ्तार तय करेगा।
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