इस्लामाबाद। ईरान के राष्ट्रपति महशूद पेजेशकियन (Masoud Pezeshkian) ने देश के मिसाइल कार्यक्रम को लेकर बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका (Us) के साथ हुए 14 सूत्रीय समझौते में ईरान की मिसाइल क्षमता का कोई उल्लेख नहीं है और भविष्य में भी तेहरान अपने रक्षा कार्यक्रम को किसी समझौते का हिस्सा नहीं बनाएगा। राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की दिशा में कूटनीतिक प्रयास जारी हैं।
पाकिस्तान की राजधानी Islamabad में मीडिया से बातचीत करते हुए पेजेशकियन ने कहा कि ईरान का मिसाइल कार्यक्रम पूरी तरह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा विषय है। उन्होंने दावा किया कि देश की रक्षा क्षमता ने ही बाहरी खतरों के सामने ईरान को सुरक्षित रखा है।
पेजेशकियन इन दिनों पाकिस्तान के दौरे पर हैं, जहां वे द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों पर पाकिस्तानी नेतृत्व के साथ चर्चा कर रहे हैं। उनका यह बयान स्विट्जरलैंड में हुई तकनीकी वार्ताओं के बाद सामने आया है, जहां अमेरिका और ईरान के बीच कई संवेदनशील विषयों पर बातचीत हुई थी।
अमेरिका द्वारा हाल ही में सार्वजनिक किए गए 14 सूत्रीय समझौते का उद्देश्य क्षेत्रीय तनाव को कम करना और दोनों देशों के बीच संवाद की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना बताया गया है। समझौते में कई महत्वपूर्ण बिंदु शामिल हैं, जिनमें Strait of Hormuz के जरिए समुद्री यातायात को सामान्य बनाने, ईरान पर लगे कुछ आर्थिक प्रतिबंधों में राहत देने और उसके परमाणु कार्यक्रम पर आगे तकनीकी स्तर की बातचीत का ढांचा तैयार करने जैसे प्रावधान शामिल हैं।
हालांकि, पेजेशकियन के बयान से यह साफ संकेत मिला है कि ईरान अपनी रक्षा नीति और मिसाइल क्षमता को लेकर कोई नरमी दिखाने के पक्ष में नहीं है। विश्लेषकों का मानना है कि परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत आगे बढ़ सकती है, लेकिन मिसाइल कार्यक्रम भविष्य में भी तेहरान और वाशिंगटन के बीच एक संवेदनशील और विवादित मुद्दा बना रह सकता है।
ईरानी राष्ट्रपति का यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में सुरक्षा हालात लगातार बदल रहे हैं और क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को लेकर कई देशों की नजरें अमेरिका-ईरान संबंधों पर टिकी हुई हैं।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved