
वॉशिंगटन। अमेरिका (America) ने 24 घंटे के भीतर दूसरी बार ईरान (Iran) में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई करते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के निकट कई अहम ठिकानों पर एयर स्ट्राइक (Airstrike) की है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में ईरान के सैन्य निगरानी ढांचे, संचार प्रणाली, एयर डिफेंस साइट्स, ड्रोन स्टोरेज केंद्रों और समुद्री बारूदी सुरंग (माइन) बिछाने की क्षमताओं को निशाना बनाया गया।
सिरिक शहर के पास गूंजे धमाके
ईरान के सरकारी मीडिया IRIB ने सैन्य सूत्रों के हवाले से बताया कि दक्षिणी शहर सिरिक के आसपास जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। रिपोर्ट के मुताबिक कई प्रोजेक्टाइल एक दूरसंचार टावर से टकराए, हालांकि घटना से जुड़े विस्तृत नुकसान की जानकारी तत्काल जारी नहीं की गई।
युद्धविराम के बावजूद बढ़ा तनाव
अमेरिका ने इससे एक दिन पहले शुक्रवार को भी ईरान के भीतर मिसाइल, ड्रोन भंडारण केंद्रों और रडार ठिकानों पर हमले किए थे। गौरतलब है कि हाल ही में वॉशिंगटन और तेहरान के बीच युद्धविराम पर सहमति बनी थी, लेकिन ताजा सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है।
तेल टैंकर पर हमले के जवाब में कार्रवाई
अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने शनिवार तड़के वन-वे अटैक ड्रोन से पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर M/T Kiku पर हमला कर युद्धविराम का उल्लंघन किया। CENTCOM के मुताबिक यह टैंकर 20 लाख से अधिक बैरल कच्चा तेल लेकर होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहा था, तभी उसे निशाना बनाया गया।
अमेरिकी सेना का कहना है कि शुक्रवार की कार्रवाई के बाद ईरान को युद्धविराम का पालन करने का अवसर दिया गया था, लेकिन उसने तनाव कम करने के बजाय नया हमला कर हालात को और गंभीर बना दिया।
अमेरिका ने दी सख्त चेतावनी
CENTCOM ने अपने बयान में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही सामान्य रूप से जारी है और अमेरिकी सेना क्षेत्र में पूरी तरह सतर्क तथा किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है।
अमेरिका ने स्पष्ट किया कि शुक्रवार की सैन्य कार्रवाई 25 जून को सिंगापुर के झंडे वाले मालवाहक जहाज M/V Ever Lovely पर हुए कथित ईरानी ड्रोन हमले के जवाब में की गई थी।
इधर, बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान को आगे किसी भी सैन्य कार्रवाई से बचने की चेतावनी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ईरान ने युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे और अमेरिका ने उसका पालन किया। यदि किसी मुद्दे पर मतभेद हैं तो उन्हें बातचीत से सुलझाया जा सकता है, लेकिन हिंसा का जवाब हिंसा से ही दिया जाएगा।
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