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14 साल तक कैद, अत्याचार और 5 बच्चों की बदहाली; पाकिस्तान में फ्रांसीसी महिला की दर्दनाक दास्तान आई सामने

June 28, 2026

लाहौर। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत (Khyber Pakhtunkhwa province) से एक फ्रांसीसी महिला को 14 वर्षों की कथित कैद और घरेलू हिंसा (Domestic Violence) से मुक्त कराए जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने महिला और उसके पांच बच्चों को एक घर से रेस्क्यू किया, जहां वे लंबे समय से अमानवीय परिस्थितियों में रह रहे थे। इस कार्रवाई के बाद महिला के पति को गिरफ्तार कर लिया गया है।

मामले के अनुसार, 54 वर्षीय फ्रांसीसी नागरिक सिल्वी यास्मीना की मुलाकात वर्षों पहले ऑस्ट्रेलिया में पाकिस्तानी मूल के एक व्यक्ति से हुई थी। दोनों ने वर्ष 2003 में शादी की और करीब 11 साल तक ऑस्ट्रेलिया में साथ रहे। वर्ष 2014 में परिवार पाकिस्तान आकर बस गया, लेकिन यहीं से महिला की जिंदगी ने भयावह मोड़ ले लिया।



  • बेटे की हिम्मत से खुला कैद का राज

    एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक, सिल्वी का सबसे बड़ा बेटा किसी तरह घर से निकलकर पुलिस तक पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने बारा क्षेत्र में छापा मारकर सिल्वी और उसके पांचों बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने मौके से महिला के पति को भी हिरासत में ले लिया।

    स्थानीय मीडिया के अनुसार, महिला और उसके बच्चों के शरीर पर चोटों के कई पुराने निशान मिले हैं, जो लंबे समय तक कथित मारपीट और प्रताड़ना की ओर इशारा करते हैं।

    ऑस्ट्रेलिया में खुशहाल जिंदगी, पाकिस्तान में शुरू हुआ संघर्ष

    पुलिस को दिए बयान में सिल्वी ने बताया कि वह ऑस्ट्रेलिया में पढ़ाई के साथ नौकरी भी करती थी और सामान्य जीवन जी रही थी। वहीं उसकी मुलाकात अपने भावी पति से हुई और दोनों ने विवाह कर लिया। वर्ष 2014 तक परिवार ऑस्ट्रेलिया में रहा, जहां उनके दो बच्चे हुए और वे सामान्य रूप से स्कूल जाते थे।

    सिल्वी के अनुसार, पाकिस्तान आने के बाद उसके पति का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। उसने कथित तौर पर परिवार की स्वतंत्रता छीन ली और लगातार मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान उनके तीन और बच्चे हुए, लेकिन उन्हें कभी स्कूल भेजा ही नहीं गया।

    ‘मेरी जिंदगी बर्बाद हुई, लेकिन बच्चों का भविष्य बचाना चाहती हूं’

    सिल्वी ने कहा कि पाकिस्तान आने के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। उनके अनुसार, पति न तो परिवार की जिम्मेदारी निभाता था और न ही बच्चों की देखभाल करता था। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरा परिवार वर्षों तक हिंसा और भय के माहौल में जीने को मजबूर रहा।

    महिला ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया छोड़ने के बाद हमारी आजादी खत्म हो गई। मेरे पति ने हमें लगातार प्रताड़ित किया। मेरा जीवन भले ही बर्बाद हो गया हो, लेकिन मैं अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित करना चाहती हूं।”

    फ्रांस लौटना चाहती है महिला

    रेस्क्यू के बाद सिल्वी फिलहाल पाकिस्तानी पुलिस की सुरक्षा में है। उसने पाकिस्तान छोड़कर अपने देश फ्रांस लौटने की इच्छा जताई है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले की जानकारी फ्रांसीसी दूतावास को दे दी गई है, हालांकि अब तक वहां से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है।

    यह मामला एक बार फिर उन घटनाओं पर चर्चा का कारण बना है, जिनमें विदेशों में विवाह के बाद महिलाओं को पाकिस्तान लाकर कथित रूप से प्रताड़ित किए जाने के आरोप सामने आते रहे हैं। ऐसी ही एक घटना वर्ष 2018 में भारतीय मूल की एक महिला के मामले में भी चर्चा में आई थी।

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