
चंडीगढ़ । कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा (Congress MP Kumari Sailja) ने कहा कि एचटेट परीक्षा में 17 हजार आपत्तियां दर्ज होना (Filing of 17000 objections regarding HTET Exam) गंभीर चिंता का विषय है (Is a matter of Serious Concern) ।
सिरसा सांसद कुमारी सैलजा ने हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (एचटेट) में सामने आई व्यापक आपत्तियों और परीक्षा संचालन में सामने आई गंभीर खामियों पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल एक परीक्षा की त्रुटि नहीं, बल्कि प्रदेश की भर्ती व्यवस्था पर जनता के भरोसे को कमजोर करने वाला मामला है। कुमारी सैलजा ने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार एचटेट के तीनों स्तरों की परीक्षा में लगभग 17 हजार आपत्तियां दर्ज हुई हैं। अनेक अभ्यर्थियों ने प्रश्नों के गलत विकल्प, प्रश्न संख्या में त्रुटियां तथा अन्य तकनीकी कमियों की शिकायत की है। यदि इतनी बड़ी संख्या में आपत्तियां सामने आती हैं तो यह परीक्षा प्रणाली की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश का युवा वर्षों तक तैयारी करता है, आर्थिक बोझ उठाता है और मानसिक तनाव झेलता है। ऐसे में परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों और सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि प्रश्नपत्र, मूल्यांकन और पूरी प्रक्रिया त्रुटिरहित हो। यदि गलतियां प्रशासन की हैं तो उनकी सजा युवाओं को नहीं मिलनी चाहिए। कुमारी सैलजा ने कहा कि कांग्रेस की स्पष्ट नीति है कि योग्य अभ्यर्थियों के साथ किसी प्रकार का अन्याय नहीं होना चाहिए। सरकार को स्वतंत्र विषय विशेषज्ञों से निष्पक्ष जांच करानी चाहिए और जिन प्रश्नों में त्रुटियां सिद्ध हों, वहां ऐसा निर्णय लिया जाए जिससे किसी भी अभ्यर्थी का नुकसान न हो। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं तथा जवाबदेही भी तय की जाए।
उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से हरियाणा में भर्ती परीक्षाएं, पेपर लीक, परीक्षा प्रबंधन की अव्यवस्था और चयन प्रक्रियाओं को लेकर लगातार विवाद सामने आते रहे हैं। इससे लाखों युवाओं का सरकार पर विश्वास कमजोर हुआ है। भाजपा सरकार को युवाओं के भविष्य के साथ प्रयोग करना बंद कर पारदर्शी, विश्वसनीय और समयबद्ध भर्ती व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए। कुमारी सैलजा ने कहा कि हर साल मानसून आता है और हर साल गुरुग्राम जलभराव, ट्रैफिक जाम और बदइंतजामी की तस्वीरों से सुर्खियों में आ जाता है। इस बार भी मात्र एक घंटे की बारिश ने तथाकथित “स्मार्ट सिटी” मॉडल की पूरी हकीकत जनता के सामने ला दी।
सांसद ने कहा कि दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जलभराव और सड़क धंसने जैसी घटनाएं, कई किलोमीटर लंबे जाम, हजारों लोगों का घंटों फंसे रहना तथा बच्चों को स्कूल से गोद में उठाकर घर ले जाने की नौबत यह साबित करती है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहरी आधारभूत ढांचा बेहद कमजोर है। कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार ने गुरुग्राम को स्मार्ट सिटी बनाने के बड़े-बड़े दावे किए, लेकिन हर मानसून में वही समस्याएं दोहराई जाती हैं। जनता को विकास के दावे नहीं, स्थायी समाधान चाहिए। सरकार को जिम्मेदारी तय कर जल निकासी व्यवस्था, सड़क निर्माण और शहरी नियोजन में तत्काल सुधार करना चाहिए, ताकि हर वर्ष लोगों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
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