
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एक और मामला दर्ज किया गया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि ‘सेवाश्रय’ स्वास्थ्य शिविर में इलाज के दौरान हुई लापरवाही के कारण उसका एक पैर काटना पड़ा। पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर अभिषेक बनर्जी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दक्षिण 24 परगना जिले के महेशतला की रहने वाली मालती विश्वास ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले वह घुटने के दर्द की शिकायत लेकर अपने इलाके में लगे सेवाश्रय स्वास्थ्य शिविर में गई थीं। वहां डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दवाएं दीं, जिन्हें उन्होंने लेना शुरू कर दिया। महिला का आरोप है कि दवाएं लेने के बाद उनकी हालत सुधरने के बजाय और बिगड़ गई। इसके बाद वह एक अन्य सेवाश्रय स्वास्थ्य शिविर में पहुंचीं। शिकायत के मुताबिक, वहां मौजूद डॉक्टरों ने इलाज के लिए उनसे बड़ी रकम की मांग की। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया तो उन्हें सरकारी अस्पताल जाने की सलाह देकर भेज दिया गया।
मालती विश्वास को बाद में एक सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि उनके दाहिने पैर को इतना गंभीर नुकसान हो चुका है कि उसे बचाना संभव नहीं है। इसके बाद उनका दाहिना पैर काटना पड़ा। महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि यह स्थिति सेवाश्रय स्वास्थ्य शिविर में हुई चिकित्सकीय लापरवाही की वजह से पैदा हुई।
रवींद्रनगर थाना के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि महिला की शिकायत के आधार पर अभिषेक बनर्जी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह सेवाश्रय स्वास्थ्य शिविरों में कथित अनियमितताओं को लेकर अभिषेक बनर्जी के खिलाफ दर्ज तीसरी एफआईआर है।
अभिषेक बनर्जी ने 2 जनवरी को ‘सेवाश्रय’ स्वास्थ्य पहल की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना था। हालांकि, इस पहल को लेकर पहले भी अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं और अब एक महिला द्वारा पैर गंवाने का आरोप सामने आने के बाद विवाद और गहरा गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved