img-fluid

भोपाल नगर निगम में टैक्स का खेल, 10 करोड़ से ज्यादा के घोटाले की आशंका

July 12, 2026

भोपाल। भोपाल (Bhopal) नगर निगम (Municipal Council) के प्रॉपर्टी टैक्स (Property Tax) में बड़े फर्जीवाड़े (Fraud) की परतें खुलने लगी हैं। निगम के टैक्स रिकॉर्ड के ऑडिट में 460 से ज्यादा संदिग्ध खाते मिले हैं। जांच में सामने आया है कि टैक्स कम करने के लिए संपत्तियों का क्षेत्रफल रिकॉर्ड में बदला गया। वहीं, कुछ मामलों में निगम के खाते में रकम आए बिना ही टैक्स जमा होने की रसीदें जारी कर दी गईं। जानकारी के मुताबिक वर्ष 2020 से 2025 तक सभी 85 वार्डों के प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड की पूरी जांच हुई तो निगम को हुए नुकसान का आंकड़ा 10 करोड़ रुपए से ज्यादा पहुंच सकता है। अब राजस्व विभाग संदिग्ध खातों का एक-एक रिकॉर्ड खंगाल रहा है। निगम अधिकारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका भी जांच के घेरे में है।

ऑडिट में सबसे ज्यादा गड़बड़ी जोन-1 के वार्ड-3 में सामने आई है। यहां करीब 130 प्रॉपर्टी टैक्स खाते संदिग्ध मिले हैं। इसके अलावा जोन-2, 6, 7, 10, 13 और 17 में भी टैक्स रिकॉर्ड में गड़बड़ियां सामने आई हैं। आशंका है कि संपत्ति का टैक्स तय करने से लेकर रिकॉर्ड में बदलाव तक सुनियोजित तरीके से खेल किया गया।


  • जोन-2 के वार्ड-10 स्थित ईदगाह हिल्स के एक निजी स्कूल का मामला ऑडिट में सामने आया है। स्कूल की संपत्ति का क्षेत्रफल रिकॉर्ड में करीब 35 हजार वर्गफीट था। आरोप है कि इसे घटाकर करीब 5500 वर्गफीट कर दिया गया। क्षेत्रफल घटते ही स्कूल का प्रॉपर्टी टैक्स 7 लाख 71 हजार रुपए से कम होकर करीब 1 लाख 9 हजार रुपए रह गया। यानी सिर्फ रिकॉर्ड में क्षेत्रफल बदलने से टैक्स में 6 लाख रुपए से ज्यादा की कमी हो गई। इस मामले में संबंधित जोनल अधिकारी और कंप्यूटर ऑपरेटर की भूमिका की जांच की जा रही है।

    जोन-2 के वार्ड-33 में फर्जी टैक्स रसीदों का मामला सामने आया। जांच में पता चला कि 14 लाख 69 हजार रुपए की 106 प्रॉपर्टी टैक्स रसीदें जारी की गईं, लेकिन यह रकम नगर निगम के खाते में जमा ही नहीं हुई। जांच में शिराज-उल-हक और मोहम्मद समीर पर वार्ड प्रभारी की यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर रसीदें बनाने का आरोप सामने आया। निगम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

    नगर निगम का राजस्व विभाग अब सभी 460 से ज्यादा संदिग्ध खातों की जांच कर रहा है। यह पता लगाया जा रहा है कि रिकॉर्ड किसने बदले, टैक्स किस स्तर पर कम किया गया और इससे निगम को कितने रुपए का नुकसान हुआ। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अलग-अलग जोन में एक जैसी गड़बड़ियां अधिकारियों की जानकारी के बिना कैसे होती रहीं। ऑडिट के बाद अब जोन स्तर के अधिकारियों और कंप्यूटर ऑपरेटरों की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

    नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन ने कहा, जहां भी रिकॉर्ड में गड़बड़ी या निगम के राजस्व को नुकसान पहुंचाने की पुष्टि होगी, संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

    Share:

  • Sposób na wybór bezpieczne kasyno internetowe online i uchronić się przed oszustw

    Sun Jul 12 , 2026
    Selekcja bezpiecznego kasyna internetowego to kluczowa decyzja dla każdego gracza, która wpływa na ochronę danych osobowych, bezpieczeństwo finansowe oraz wygodę podczas gry. W dobie rosnącej liczby platform hazardowych w sieci, umiejętność rozpoznawania legalnych i godnych zaufania operatorów staje się niezbędna. Niniejszy artykuł zawiera wyczerpujący przewodnik, który pomoże Ci uchronić się przed oszustwami i znaleźć kasyna […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved