img-fluid

शी जिनपिंग की पूजा न करने पर 10 हजार ईसाई अरेस्ट, पहली बार खुलासा

July 14, 2026

डेस्क: चीन में धार्मिक आजादी को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. ब्रिटिश अखबार द टेलीग्राफ की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग के शासन में पिछले एक दशक के दौरान 10 हजार से ज्यादा ईसाइयों को गिरफ्तार किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक कार्रवाई का निशाना वे लोग बने, जो सरकार से मान्यता प्राप्त चर्चों की बजाय अनरजिस्टर्ड या अंडरग्राउंड चर्चों में प्रार्थना करते थे. दावा है कि चीन में केवल राज्य नियंत्रित चर्चों को ही आधिकारिक मान्यता प्राप्त है, जहां प्रार्थना से पहले देशभक्ति गीत गाए जाते हैं और चर्च के मंच पर शी जिनपिंग की तस्वीर लगाई जाती है. इस रिपोर्ट ने चीन में धार्मिक स्वतंत्रता और सरकारी नियंत्रण को लेकर नई बहस छेड़ दी है.

द टेलीग्राफ की रिपोर्ट में टीजे नाम के एक ईसाई की कहानी का जिक्र किया गया है, जिनकी पहचान सुरक्षा कारणों से छिपाई गई है. टीजे के मुताबिक एक रात अचानक उनके घर पर जोर-जोर से दस्तक हुई. कुछ ही देर बाद पुलिस ने दरवाजा तोड़ दिया, उनकी पत्नी और तीन साल की बेटी को अलग कमरे में ले जाया गया और उनसे पूछताछ शुरू हो गई. टीजे ने बताया कि उनकी बेटी लगातार रो रही थी, लेकिन वह उसके पास भी नहीं जा सके. उनका दावा है कि उनका कसूर सिर्फ इतना था कि वह सरकार से मान्यता प्राप्त चर्च की बजाय एक अंडरग्राउंड चर्च में प्रार्थना करते थे.


  • रिपोर्ट के अनुसार, चीन आधिकारिक तौर पर पांच धर्मों को मान्यता देता है, जिनमें प्रोटेस्टेंट और कैथोलिक धर्म भी शामिल हैं. हालांकि यह मान्यता केवल राज्य नियंत्रित चर्चों तक सीमित है. दावा किया गया है कि इन चर्चों में प्रार्थना शुरू होने से पहले देशभक्ति गीत गाए जाते हैं और चर्च के मंच के ऊपर शी जिनपिंग की तस्वीर लगाई जाती है. दूसरी ओर, जो ईसाई सरकारी निगरानी से बाहर अंडरग्राउंड चर्चों में जाते हैं, उन्हें सरकार की नजर में कानून तोड़ने वाला माना जाता है और ऐसे चर्चों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है.

    द टेलीग्राफ की रिपोर्ट में मानवाधिकार संस्था चाइनाएड के संस्थापक बॉब फू के हवाले से दावा किया गया है कि शी जिनपिंग के शासन के दौरान पिछले दस वर्षों में 10 हजार से ज्यादा ईसाइयों को गिरफ्तार किया गया है. हाल ही में अर्ली रेन कोवनेंट चर्च पर पुलिस ने छापा मारकर 30 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था. रिपोर्ट के मुताबिक 2015 में शुरू की गई “सिनिसाइजेशन” नीति के तहत धार्मिक समुदायों से कहा गया कि वे अपनी धार्मिक पहचान से पहले चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के प्रति वफादारी दिखाएं. इसके बाद कई अंडरग्राउंड चर्च बंद किए गए, धार्मिक स्थलों को गिराया गया और कई पादरियों तथा चर्च से जुड़े लोगों पर अलग अलग मामलों में कार्रवाई की गई.

    रिपोर्ट के मुताबिक 2015 में शी जिनपिंग सरकार ने “सिनिसाइजेशन” नीति लागू की. इसके तहत धार्मिक संगठनों से कहा गया कि वे अपनी धार्मिक पहचान से पहले चीन की कम्युनिस्ट पार्टी और देश के प्रति वफादारी दिखाएं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इसी नीति के बाद अंडरग्राउंड चर्चों पर कार्रवाई तेज हुई, कई धार्मिक स्थलों को बंद किया गया और चर्च से जुड़े लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई बढ़ गई.

    चीन आधिकारिक तौर पर बौद्ध, ताओ, इस्लाम, प्रोटेस्टेंट और कैथोलिक समेत पांच धर्मों को मान्यता देता है. हालांकि रिपोर्ट के अनुसार, यह मान्यता केवल उन्हीं धार्मिक संस्थानों को मिलती है, जो सरकार के नियंत्रण में काम करते हैं. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राज्य नियंत्रित चर्चों में सरकारी नियमों का पालन करना अनिवार्य है, जबकि इसके बाहर होने वाली धार्मिक गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाती है.

    रिपोर्ट में मानवाधिकार संगठन चाइनाएड के संस्थापक बॉब फू का दावा है कि पिछले एक दशक में चीन में 10 हजार से ज्यादा ईसाइयों को गिरफ्तार किया गया. उनके मुताबिक सरकार की कार्रवाई का सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ा है, जो स्वतंत्र या अनरजिस्टर्ड चर्चों में प्रार्थना करते हैं. वहीं चीन सरकार इन आरोपों को खारिज करते हुए कहती है कि देश में सभी धार्मिक मामलों का संचालन कानून के तहत किया जाता है.

    द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन स्थित चीनी दूतावास ने इन आरोपों को खारिज किया है. दूतावास का कहना है कि चीन में धार्मिक मामलों का प्रबंधन कानून के अनुसार किया जाता है और अदालतें सभी मामलों की सुनवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत करती हैं. चीन का यह भी कहना है कि कुछ “चीन विरोधी ताकतें” धार्मिक स्वतंत्रता और मानवाधिकार के नाम पर देश की नीतियों को गलत तरीके से पेश कर रही हैं और भ्रामक जानकारी फैला रही हैं.

    Share:

  • वैष्णोदेवी में चढ़ी 20 टन चांदी नकली निकली, हर मंदिर में घोटाला

    Tue Jul 14 , 2026
    कटरा। अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर (Ram Mandir) चंदा चोरी (Theft of Donation Money) मामला प्रकाश में आने के बाद देश के कई बड़े मंदिरों में इसी तरह के घपले प्रकाश में आने लगे हैं। अब माता वैष्णोदेवी (Vaishno Devi) के दरबार में चढ़ाई गई 20 टन चांदी (20 tonnes of silver) नकली निकली। इसकी […]
    सम्बंधित ख़बरें
    लेटेस्ट
    खरी-खरी
    का राशिफल
    जीवनशैली
    मनोरंजन
    अभी-अभी
  • Archives

  • ©2026 Agnibaan , All Rights Reserved