
नई दिल्ली । सोनम वांगचुक का अनशन (Sonam Wangchuk’s Hunger Strike) 17वें दिन भी जारी रहा (Continued into the 17th Day) । दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे इस आंदोलन के बीच देश के जाने-माने पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की मांगों के समर्थन में भूख हड़ताल पर बैठे वांगचुक की शारीरिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर एक चिंताजनक अपडेट साझा किया है। उन्होंने पोस्ट में लिखा : “सोनम सर की भूख हड़ताल का आज 17वां दिन है। उनकी मांसपेशियों का वज़न कम होना शुरू हो गया है और वे इस वक्त बेहद दर्द में हैं।” दीपके ने आगे बताया कि उन्होंने बाकी लोगों की तरह ही वांगचुक से अपना अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया था। इस पर सोनम वांगचुक ने बेहद शांत भाव से जवाब दिया: “मुझसे भूख हड़ताल ख़त्म करने के लिए मत कहिए, बल्कि सरकार से पूछिए कि वह बातचीत तक क्यों नहीं करना चाहती?”
सोनम वांगचुक के समर्थन में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी अपनी आवाज बुलंद की है। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट लिखकर वांगचुक से अपना अनशन वापस लेने की भावुक अपील की। महुआ मोइत्रा ने लिखा : “सोनम सर, आपके अनशन ने न्याय की लड़ाई में देश के युवाओं को एकजुट कर दिया है। आपका लक्ष्य पूरा हो गया है। सरकार को आपकी ज़िंदगी या करोड़ों युवाओं की ज़िंदगी की परवाह नहीं है, लेकिन आपकी ज़िंदगी हमारे लिए बहुत मायने रखती है। कृपया अनशन ख़त्म करें और इस लड़ाई को जारी रखें।”
उल्लेखनीय है कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते कई दिनों से सीजेपी का धरना-प्रदर्शन और आंदोलन जारी है। इस आंदोलन के जरिए प्रदर्शनकारी लगातार देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक रुख नहीं अपनाती और बातचीत की मेज पर नहीं आती, तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved