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कार के टायर जितना विशाल, 10 किलो तक वजन और सड़ी लाश जैसी बदबू… जानिए दुनिया के सबसे बड़े फूल ‘रेफ्लेसिया’ का रहस्य

July 15, 2026

नई दिल्ली। फूलों का नाम आते ही मन में रंग-बिरंगी पंखुड़ियां और मनमोहक खुशबू की तस्वीर उभरती है, लेकिन प्रकृति में एक ऐसा फूल भी मौजूद है जो अपनी सुगंध नहीं, बल्कि सड़ी हुई लाश जैसी तेज बदबू के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। यह है रेफ्लेसिया (Rafflesia), जिसे दुनिया का सबसे बड़ा एकल (Single) फूल माना जाता है। अपने विशाल आकार, अनोखी बनावट और दुर्लभ जीवन चक्र के कारण यह वैज्ञानिकों और पर्यटकों, दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहता है।

एक मीटर तक फैलता है फूल, वजन 10 किलो से भी ज्यादा

रेफ्लेसिया का फूल व्यास में लगभग एक मीटर तक बड़ा हो सकता है, यानी इसका आकार किसी कार के टायर के बराबर होता है। इसकी कुछ प्रजातियों का वजन 10 से 12 किलोग्राम तक पहुंच जाता है। लाल-भूरे रंग की मोटी और मांसल पंखुड़ियां इसे सामान्य फूलों से बिल्कुल अलग पहचान देती हैं।

खुशबू नहीं, सड़ी लाश जैसी दुर्गंध

इस फूल की सबसे अनोखी विशेषता इसकी तीखी दुर्गंध है। रेफ्लेसिया से निकलने वाली गंध सड़े हुए मांस या मृत जीव जैसी होती है। इसी वजह से इसे अंग्रेजी में ‘कॉर्प्स फ्लावर’ (Corpse Flower) भी कहा जाता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, यह दुर्गंध कोई संयोग नहीं बल्कि प्रकृति की एक रणनीति है। इस गंध से मक्खियां और अन्य कीट आकर्षित होकर फूल तक पहुंचते हैं और परागण (Pollination) की प्रक्रिया पूरी करते हैं, जिससे इस पौधे का प्रजनन संभव हो पाता है।


  • बिना पत्तों और तने वाला परजीवी पौधा

    रेफ्लेसिया सामान्य पौधों की तरह नहीं होता। इसमें न तो हरे पत्ते होते हैं और न ही तना। यह पूरी तरह परजीवी पौधा है, जो दूसरे पौधों—विशेष रूप से टेट्रास्टिग्मा (Tetrastigma) नामक बेल—से पोषक तत्व प्राप्त कर जीवित रहता है। लंबे समय तक यह मेजबान पौधे के भीतर छिपा रहता है और फिर अचानक विशाल फूल के रूप में बाहर निकलता है।

    कहां पाया जाता है यह दुर्लभ फूल?

    रेफ्लेसिया मुख्य रूप से इंडोनेशिया, मलेशिया, थाईलैंड और फिलीपींस के घने वर्षावनों में पाया जाता है। प्राकृतिक आवास नष्ट होने और जंगलों की कटाई के कारण इसकी कई प्रजातियां संरक्षण की जरूरत वाली श्रेणी में मानी जाती हैं।

    कुछ दिनों का ही होता है जीवन

    इस फूल का जीवनकाल बेहद छोटा होता है। कई महीनों तक कली विकसित होने के बाद यह खिलता है, लेकिन सिर्फ 5 से 7 दिनों तक ही पूरी तरह खिला रहता है। इसके बाद यह तेजी से मुरझाने लगता है।

    वैज्ञानिकों और पर्यटकों के लिए आकर्षण

    रेफ्लेसिया अपनी अनोखी संरचना और जीवन चक्र के कारण वनस्पति वैज्ञानिकों के लिए शोध का महत्वपूर्ण विषय है। वहीं, दुनिया भर से पर्यटक भी इसे देखने के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया के वर्षावनों का रुख करते हैं। हालांकि इसकी तीखी दुर्गंध के कारण इसके पास लंबे समय तक खड़ा रहना आसान नहीं होता।

    रेफ्लेसिया से जुड़े रोचक तथ्य

    • रेफ्लेसिया को दुनिया का सबसे बड़ा एकल फूल माना जाता है।
    • इसका व्यास लगभग एक मीटर तक हो सकता है।
    • कुछ प्रजातियों का वजन 12 किलोग्राम तक दर्ज किया गया है।
    • फूल बनने से पहले इसकी कली गोल और बड़े अंडे जैसी दिखाई देती है।
    • यह केवल 5 से 7 दिन तक ही खिला रहता है।
    • परागण के लिए यह सड़े मांस जैसी गंध छोड़ता है, जिससे मक्खियां इसकी ओर आकर्षित होती हैं।

    प्रकृति की यह अद्भुत रचना इस बात का उदाहरण है कि जीव-जगत में अस्तित्व बनाए रखने के लिए अलग-अलग प्रजातियों ने कितनी अनोखी और चौंकाने वाली रणनीतियां विकसित की हैं।

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