नई दिल्ली। पाकिस्तान के सबसे बड़े प्रांत बलूचिस्तान से एक बार फिर अलगाववाद (Separatism) की बड़ी खबर सामने आई है। सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित आधिकारिक बयान में ‘रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान’ (‘Republic of Balochistan’) के नाम से स्वतंत्र राष्ट्र की घोषणा किए जाने का दावा किया गया है। बयान में कहा गया है कि बलूचिस्तान की सेना ने क्षेत्र के करीब 85 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है और नए राष्ट्र के लिए प्रशासनिक ढांचे की शुरुआत भी कर दी गई है।
दावे के मुताबिक, स्वतंत्र बलूचिस्तान ने अपना राष्ट्रीय ध्वज, राष्ट्रगान, मुद्रा और प्रशासनिक व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। साथ ही यह भी कहा गया है कि क्षेत्र में मौजूद गैस भंडार, खनिज संसाधनों और कोयला खदानों का नियंत्रण अब नई सरकार के हाथ में है।
कथित घोषणा में यह भी दावा किया गया है कि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े कई अधिकारियों ने इस्तीफा देकर बलूचिस्तान के स्वतंत्रता आंदोलन का समर्थन किया है। हालांकि इन दावों की किसी स्वतंत्र या आधिकारिक स्रोत से पुष्टि नहीं हुई है।
सोशल मीडिया पर वायरल इस घोषणा को लेकर अभी तक पाकिस्तान सरकार, किसी अंतरराष्ट्रीय संस्था या किसी देश की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल बलूचिस्तान को स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में किसी भी देश ने मान्यता नहीं दी है, इसलिए इन दावों की पुष्टि होना बाकी है।
दूसरी ओर, बलूचिस्तान में सुरक्षा हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। पाकिस्तान के रक्षा अधिकारियों के अनुसार, बलूच विद्रोही समूहों और तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह के दौरान 105 से अधिक आतंकवादी मारे गए, जिनमें से 71 आतंकवादी ‘ऑपरेशन शाबान’ के दौरान ढेर किए गए। यह अभियान 7 जुलाई से क्वेटा जिले के शाबान क्षेत्र में पाकिस्तान सेना, फ्रंटियर कोर (एफसी) और बलूचिस्तान पुलिस की संयुक्त टीम चला रही है।
जानकारी के अनुसार, 5 जुलाई को शाबान क्षेत्र के मंगी डैम पंपिंग स्टेशन स्थित पुलिस चौकी पर हुए आतंकवादी हमले में 27 पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद सुरक्षा बलों ने व्यापक अभियान शुरू किया।
रक्षा सूत्रों के मुताबिक, रविवार को जारी कार्रवाई में पिछले 24 घंटे के भीतर सात और आतंकवादी मारे गए, जिसके बाद ऑपरेशन शाबान में मारे गए आतंकवादियों की संख्या बढ़कर 71 पहुंच गई।
बलूचिस्तान पिछले करीब दो दशकों से हिंसा, अलगाववादी गतिविधियों और सुरक्षा अभियानों का केंद्र बना हुआ है। हाल के महीनों में इस क्षेत्र में आतंकी घटनाओं और सुरक्षा बलों के अभियानों में उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली है।
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