
नई दिल्ली: लोकसभा में पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स संशोधन बिल, 2026 पर चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर नहीं होने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि यह संशोधन बिल केवल दिखावे के लिए लाया गया है और इससे शिक्षा प्रणाली की मूल समस्याओं का समाधान नहीं होगा. गोगोई ने कहा कि सरकार यह बताए कि पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के मामलों में जिन 47 लोगों का तबादला या निलंबन किया गया, वे कौन लोग हैं. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि परीक्षा से जुड़े जिन कार्यों को आउटसोर्स किया गया था, उनमें शामिल लोगों की जिम्मेदारी क्यों तय नहीं की जा रही है.
लोकसभा में मंगलवार को कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को संसद में दिए गए सम्मान को लेकर केंद्र सरकार और NDA पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में परीक्षा पेपर लीक जैसी गंभीर घटनाएं हुईं, जिससे लाखों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कई छात्रों ने अपनी जान तक गंवा दी. इसके बावजूद उन्हें संसद में जिस तरह सम्मान दिया गया, वह समझ से परे है. गौरव गोगोई ने सदन में कहा कि पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं के कारण 21 छात्रों ने आत्महत्या कर ली. उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि क्या इस स्थिति पर उसे शर्म नहीं आती. गोगोई ने कहा कि जिस मंत्री के कार्यकाल में इतनी बड़ी संख्या में छात्रों की जान गई, उनके इस्तीफे के बाद सत्ता पक्ष के सांसदों ने उनका जिस तरह स्वागत किया, जैसे वे पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध जीतकर लौटे हों.
गोगोई ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के अध्यक्ष को लेकर भी सवाल उठाए. गोगोई ने कहा कि उनका पूरा रिकॉर्ड देखा जाना चाहिए. उन्होंने आरोप लगाया कि जब वे अन्य संस्थानों में जिम्मेदारी संभाल रहे थे, तब भी परीक्षा संबंधी विवाद और अनियमितताओं के मामले सामने आए थे. इसके बावजूद, इतने बड़े पेपर लीक मामलों के बाद भी उन्हें बचाया जा रहा है. कांग्रेस सांसद ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) शिक्षा क्षेत्र को बहुत महत्वपूर्ण मानता है और उससे जुड़े लोगों को विभिन्न संस्थानों में नियुक्त किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि सरकार गुणवत्ता सुधार पर ध्यान देने के बजाय संस्थानों में अपने लोगों की नियुक्ति पर अधिक ध्यान दे रही है.
गोगोई ने कहा कि केवल सजा बढ़ा देने से शिक्षा व्यवस्था नहीं सुधरेगी. उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान केवल एक मुखौटा हैं. प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा उठाते हुए गोगोई ने कहा कि हाल के आंदोलनों के दौरान देश ने लोकतंत्र की ताकत भी देखी और सरकार की कथित क्रूरता भी. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के खिलाफ पैलेट गन और इलेक्ट्रिक बैटन का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने दावा किया कि एक पुलिसकर्मी ने एक छात्रा को थप्पड़ भी मारा.
गोगोई ने सरकार से जवाब मांगते हुए पूछा कि पैलेट गन इस्तेमाल करने का आदेश किसने दिया था. उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि लाठीचार्ज के दौरान सिर पर वार करने के निर्देश किसने दिए. उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले पर गृह मंत्री को सदन में जवाब देना चाहिए. अपने भाषण में उन्होंने बिहार का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि वहां प्रदर्शनकारियों के खिलाफ AK-47 का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के साथ हुए व्यवहार और सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए.
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