
नई दिल्ली। पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने शुक्रवार को कहा कि भुगतान एवं निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 में संशोधन के बावजूद आम उपभोक्ता और छोटे दुकानदार यूपीआई का फ्री इस्तेमाल करते रहेंगे। ये बयान लोकसभा में संशोधन विधेयक पारित होने के एक दिन बाद आया है, जिसमें सरकार को यूपीआई समेत अन्य डिजिटल पेमेंट माध्यमों पर MDR (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) फीस लगाने की अनुमति देने का प्रावधान किया गया है।
पीसीआई ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा कि 2016 में शुरू होने के बाद से ही यूपीआई उपभोक्ताओं के लिए फ्री रहा है और आगे भी बिना किसी ट्रांजैक्शन फीस के डिजिटल पेमेंट जारी रहेगा।
पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया ने ये भी स्पष्ट किया कि किराना दुकानों समेत छोटे व्यापारियों को यूपीआई से भुगतान स्वीकार करने पर एमडीआर फीस नहीं देनी होगी। इसके साथ ही पीसीआई ने कहा कि अगर भविष्य में बड़े कारोबारियों पर एमडीआर फीस लगाई जाती है, तब भी उपभोक्ताओं को यूपीआई इस्तेमाल करने के लिए कोई फीस नहीं देनी होगी।
PCI ने स्पष्ट किया कि जहां भी लागू हो, एमडीआर फीस सिर्फ कारोबारी और पेमेंट्स सर्विस प्रोवाइडर के बीच व्यावसायिक व्यवस्था होती है और इसका बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ता है।
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