
नई दिल्ली: जुलाई के दौरान देश में खुदरा महंगाई दर तेजी से बढ़ी है. बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, खाद्य पदार्थों की ऊंची कीमतों के कारण जुलाई 2026 में भारत की रिटेल महंगाई दर जून के 4.38% से बढ़कर 4.45% हो गई. यह आरबीआई के मध्यम अवध के टारगेट से ऊपर पहुंच चुकी है. आरबीआई ने मिड टर्म में 4 फीसदी का टारगेट रखा था.
जुलाई के आंकड़े मोटे तौर पर उम्मीद के अनुरूप बताए जा रहे हैं, क्योंकि रॉयटर्स की ओर से 40 इकोनॉमिस्ट के सर्वे में महंगाई 4.50 फीसदी रहने का अनुमान लगाया गया था. CPI जनरल इंडेक्स में महीने दर महीने 0.9 फीसदी की बढ़ोतरी हुई, जबकि फूड प्राइस इंडेक्स में इस महीने 2.1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई.
गांव और शहरों में भी बढ़ी महंगाई
जुलाई के दौरान गांवों में महंगाई तेजी से बढ़ी है. जून के 4.74% से बढ़कर 4.84% हो गई, जबकि शहर में महंगाई 3.93% से बढ़कर 3.96% हो गई. कंज्यूमर फूड प्राइस इंडेक्स (CPI) की ओर से मापी जाने वाली फूड इन्फ्लेशन जुलाई में बढ़कर 5.52 फीसदी हो गई, जो जून में 5.32% थी. खाद्य और पेय पदार्थों की महंगाई भी 5.05% से बढ़कर 5.24% हो गई.
प्याज-लहसुन के बढ़े दाम
खाद्य पदार्थों में, प्याज की महंगाई जून में 4.73% से बढ़कर 22.54% हो गई. लहसुन की महंगाई 17.93% से बढ़कर 35.36% हो गई, जबकि अदरक की महंगाई 50.41% से बढ़कर 83.62% हो गई. हालांकि, कई सब्जियों की कीमतों में गिरावट जारी रही. आलू की कीमतों में साल-दर-साल 16.56% की गिरावट आई, जबकि भिंडी की कीमतों में 5.52% की गिरावट दर्ज की गई. मटर और टमाटर की कीमतों में भी क्रमशः 5.27% और 4.59% की गिरावट आई.
अन्य कैटेगरी में कैसी रही महंगाई दर
ट्रांसपोर्ट में महंगाई दर जुलाई में जून के 4.31% से बढ़कर 4.43% हो गई, जबकि वस्तुओं के लिए परिवहन सेवाओं में महंगाई मामूली रूप से बढ़कर 7.70% से 7.77% हो गई. घरों की महंगाई में 2.22 फीसदी का इजाफा हुआ, जिसमें ग्रामीण आवास महंगाई 2.80 फीसदी और शहरी आवास में महंगाई 2.01 फीसदी थी.
अन्य कैटेगरी में रेस्तरां और आवास सेवाओं में 7.72% की महंगाई दर्ज की गई, जबकि कपड़ों और जूतों में 3.38% की बढ़ोतरी हुई. व्यक्तिगत देखभाल, सामाजिक सुरक्षा और विविध वस्तुओं और सेवाओं में मुद्रास्फीति विशेष रूप से 14.77% पर उच्च बनी रही, जिसका आंशिक कारण अन्य व्यक्तिगत सामानों की कीमतों में 43.54% की वृद्धि थी.
आरबीआई का महंगाई को लेकर अनुमान
हेल्थ सर्विसेज में महंगाई दर 1.34 फीसदी रही, जबकि एजुकेशन सर्विस में महंगाई बढ़कर 3.64 फीसदी थी. आरबीआई को पहली तिमाही में महंगाई 4.1%, दूसरी तिमाही में 4.7%, तीसरी तिमाही में 5.9% और चौथी तिमाही में 5.5% रहने की उम्मीद है. उसे उम्मीद है कि शीर्ष महंगाई तीसरी तिमाही में चरम पर पहुंचेगी और उसके बाद इसमें कमी आएगी.
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