
नई दिल्ली। पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व गृह मंत्री शेख राशिद अहमद (Sheikh Rashid Ahmed) का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वह लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) से जुड़े लोगों के साथ मंच साझा करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में वह आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद (Hafiz Saeed) के प्रति अपनी निष्ठा जताते हुए खुद को उसका ‘गुलाम’ बताते सुनाई दे रहे हैं। इसी दौरान उन्होंने भारत के खिलाफ भी धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किया।
वीडियो में शेख राशिद कहते सुनाई देते हैं, “मैं तो हाफिज सईद साहब का गुलाम हूं।” उन्होंने दावा किया कि उनके फोन से हाफिज सईद का नंबर मिलने के बाद अमेरिका ने उन्हें वहां से निकाल दिया था। इसके बाद उन्होंने भारत को लेकर भी आपत्तिजनक और धमकी भरे बयान दिए।
‘हिंदुस्तान में न चिड़िया चहकेंगी, न घंटियां बजेंगी’
वीडियो में शेख राशिद कथित तौर पर कहते हैं, “न चिड़िया चहकेंगी हिंदुस्तान में, न बिरला जी के मंदिर में घंटियां बजेंगी।” इसके आगे वह भारत के खिलाफ कार्रवाई की बात करते हुए कहते हैं कि अगर हिंदुस्तान ने पाकिस्तान की ओर देखा तो अल्लाह उसे नेस्तनाबूद कर देगा। वह वीडियो में यह भी कहते नजर आ रहे हैं कि वे “पाकिस्तान के साथ और हाफिज सईद साहब के साथ” हैं।
लश्कर से जुड़े लोगों के साथ मंच पर दिखे
वीडियो में शेख राशिद के साथ पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग के अध्यक्ष खालिद मसूद संधू भी नजर आ रहे हैं। इसके अलावा कारी मोहम्मद याकूब शेख के भी वहां मौजूद होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, सामने आए इस वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। साथ ही वीडियो कब रिकॉर्ड किया गया था, इसकी स्पष्ट जानकारी भी फिलहाल उपलब्ध नहीं है।
मुंबई हमले का साजिशकर्ता रहा है हाफिज सईद
हाफिज सईद लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक है और मुंबई में हुए 26/11 आतंकी हमलों के प्रमुख साजिशकर्ताओं में उसका नाम शामिल रहा है। अमेरिका ने लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी संगठन घोषित कर रखा है। पाकिस्तान में भी हाफिज सईद को आतंकी फंडिंग से जुड़े मामलों में सजा सुनाई जा चुकी है।
पहले भी लश्कर से संबंधों को लेकर घिरे थे राशिद
शेख राशिद पहले भी हाफिज सईद और लश्कर-ए-तैयबा से कथित संबंधों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। वर्ष 2012 में अमेरिका में उनसे हाफिज सईद और लश्कर से कथित संबंधों को लेकर पूछताछ की गई थी। हालांकि, शेख राशिद ने उस समय इन आरोपों से इनकार किया था। ताजा वीडियो सामने आने के बाद पाकिस्तान की राजनीति में आतंकवादी संगठनों और मुख्यधारा के नेताओं के कथित संबंधों को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।
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