
भोपाल। राजधानी में बुधवार सुबह करोंद चौराहे (Karond Intersection) से अयोध्या बायपास (Ayodhya Bypass) के बीच करीब एक घंटे तक रोडरेज का हंगामा (Road rage incident) चलता रहा। तेज रफ्तार तीन कारों में सवार युवक-युवतियों पर कई वाहनों को टक्कर मारने का आरोप है। इसी दौरान सागर पब्लिक स्कूल के स्टाफ की कार को पीछे से जोरदार टक्कर मारकर पलटा दिया गया। कार सवार कर्मचारियों से मारपीट और महिला स्टाफ के साथ अभद्रता व छेड़छाड़ के प्रयास के आरोप भी लगाए गए हैं।
घटना के दौरान पीड़ितों ने डायल-112 पर कई बार सूचना दी। पुलिस के समय पर नहीं पहुंचने का आरोप लगाते हुए मामले की जानकारी मंत्री विश्वास सारंग को दी गई। इसके बाद पुलिस अधिकारियों को फटकार के बाद निशातपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीन युवकों तथा एक युवती को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
जानकारी के अनुसार, सागर पब्लिक स्कूल का स्टाफ बुधवार सुबह करोंद की ओर से स्कूल जा रहा था। एक कार में स्कूल कर्मचारी वलीउल्ला और सुबीर डे सवार थे। आरोप है कि पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मारने की कोशिश की।
खतरा भांपकर दोनों ने कार सड़क किनारे रोक दी, लेकिन इसके बावजूद पीछे से आई कार ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कूल स्टाफ की कार पलट गई। आरोप है कि कार से बाहर निकलने के बाद दोनों कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और पत्थर से हमला करने की कोशिश भी की गई।
इसी दौरान दूसरी कार से वहां पहुंची स्कूल की महिला स्टाफ ने विरोध किया। आरोप है कि उनके साथ भी अभद्रता और छेड़छाड़ का प्रयास किया गया। हंगामा बढ़ने पर महिला शिक्षिकाओं ने कथित तौर पर युवती को पकड़ लिया। इस दौरान युवती द्वारा कार के शीशे तोड़ने का भी आरोप है।
पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है।
आरोप है कि कार सवार युवक-युवतियों ने रास्ते में बैटरी ऑटो समेत कई अन्य वाहनों को भी टक्कर मारी। एक कार डिवाइडर से टकराने के बाद रुक गई, जबकि दूसरी कार भी कुछ दूरी पर रुक गई।
इसके बाद लोगों ने एक कार में सवार तीन युवकों और एक युवती को पकड़ लिया। उनके कुछ साथी मौके से भाग गए। पुलिस अब फरार बताए जा रहे लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
पीड़ित स्कूल स्टाफ का आरोप है कि उन्होंने रोडरेज के दौरान डायल-112 पर कई बार फोन किया, लेकिन पुलिस काफी देर तक मौके पर नहीं पहुंची। उनका कहना है कि निशातपुरा थाने से लगातार लोकेशन पूछी जाती रही, लेकिन पुलिसकर्मी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे।
इसके बाद पीड़ित पक्ष ने मंत्री विश्वास सारंग को फोन कर घटना की जानकारी दी। मंत्री की नाराजगी के बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और चार लोगों को हिरासत में लेकर थाने ले गया।
निशातपुरा थाना प्रभारी मनोज पटवा के अनुसार, सड़क हादसे में चार लोग घायल हुए हैं। मौके से तीन युवक और एक युवती को पकड़ा गया है। प्रारंभिक पूछताछ में इनके कॉलेज छात्र होने की जानकारी सामने आई है। इनमें कुछ के ओरिएंटल कॉलेज और जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी में पढ़ने की बात सामने आई है।
दूसरी कार में सवार उनके साथियों को भी पूछताछ के लिए थाने बुलाया गया है। पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवक-युवती का मेडिकल परीक्षण कराया है। प्रारंभिक जांच में उनके शराब के नशे में होने की बात सामने आने की जानकारी पुलिस ने दी है। मेडिकल रिपोर्ट में शराब का सेवन पाए जाने पर ड्रिंक एंड ड्राइव से संबंधित धाराएं भी जोड़ी जाएंगी।
स्कूल शिक्षिका सोनल सिंह के मुताबिक, वह मीनाल गेट से बाहर निकली थीं। कुछ दूरी पर उन्हें स्कूल कर्मचारी सुबीर और वलीउल्ला दिखाई दिए। उनके पीछे चल रही कार कथित तौर पर उनकी गाड़ी को टक्कर मारने की कोशिश कर रही थी।
सोनल ने फोन कर दोनों कर्मचारियों को सावधान किया, जिसके बाद उन्होंने कार सड़क किनारे रोक दी। इसके बावजूद पीछे से आई कार ने उनकी गाड़ी को टक्कर मारकर पलटा दिया। सोनल का आरोप है कि कार से बाहर निकलते ही दोनों कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई और पत्थर से हमला करने का प्रयास किया गया।
पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि तीनों कारों में कुल कितने लोग सवार थे और रोडरेज की शुरुआत किस वाहन से हुई।
फरार बताए जा रहे अन्य युवकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस की जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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