
नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष (Vedic Astrology) में न्याय के देवता और कर्मफलदाता शनि (Saturn) की चाल का विशेष महत्व माना जाता है। पंचांग के अनुसार, 20 अगस्त 2026 को शनि देव नक्षत्र परिवर्तन (Shani Nakshatra Parivartan) करेंगे और बुध के आधिपत्य वाले रेवती नक्षत्र (Revati Nakshatra) के प्रथम चरण में प्रवेश करेंगे। शनि 9 अक्टूबर 2026 तक इसी नक्षत्र में रहेंगे।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शनि के इस नक्षत्र परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग हो सकता है। कुछ राशियों के लिए यह समय लाभकारी रह सकता है, जबकि मेष, कर्क और वृश्चिक राशि के जातकों को इस दौरान आर्थिक मामलों, करियर और मानसिक तनाव के मामले में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
मेष राशि
शनि का नक्षत्र परिवर्तन मेष राशि वालों के लिए कुछ चुनौतियां लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में अधिक मेहनत के बावजूद मनमाफिक परिणाम मिलने में देरी हो सकती है। आर्थिक मामलों में सावधानी जरूरी होगी, क्योंकि अचानक बड़े खर्च सामने आ सकते हैं। पारिवारिक जीवन में भी तनाव की स्थिति बन सकती है। ऐसे में धैर्य से काम लेना बेहतर रहेगा।
कर्क राशि
कर्क राशि वालों के लिए 20 अगस्त के बाद का समय थोड़ा संघर्षपूर्ण रह सकता है। नौकरी या कारोबार में अधिकारियों और सहकर्मियों से मतभेद होने की आशंका है। इस दौरान नया निवेश करने से बचने और पैसों के लेन-देन में पूरी पारदर्शिता रखने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य संबंधी छोटी-मोटी परेशानियां भी चिंता बढ़ा सकती हैं।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के जातकों को इस अवधि में सोच-समझकर फैसले लेने होंगे। बनते हुए कामों में रुकावट आ सकती है। विरोधियों से सतर्क रहने की जरूरत होगी। कोर्ट-कचहरी या कानूनी मामलों में जल्दबाजी से फैसला लेने पर आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए हर कदम सावधानी से उठाने की सलाह दी जाती है।
शनि के अशुभ प्रभाव से बचने के उपाय
– प्रत्येक शनिवार शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
– गरीब और जरूरतमंद लोगों को काले वस्त्र, जूते या अन्न का दान करें।
– भगवान शिव की पूजा कर शिवलिंग पर काले तिल अर्पित करें।
– “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का नियमित जाप करें।
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