
7 साल की उम्र में तीन बार वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने वाली इंदौर की बाल प्रतिभा का मुख्यमंत्री ने किया स्वागत, इंदौर यात्रा के दौरान करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात भी
इंदौर। मुख्यमंत्री (CM) ने घोषणा की है कि प्रदेश (MP) की सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों (Assembly constituencies) में स्टेडियम का निर्माण किया जाएगा, जिसके चलते इंदौर (Indore) जिले की सभी 9 विधानसभा क्षेत्रों में भी खेलकूद की ये सुविधा मिलेगी। 18 खेलों में से 11 खेल अकादमियां राज्य में संचालित हो रही है और खेलों को लगातार प्रोत्साहन भी दिया जाएगा, ताकि प्रदेश के साथ-साथ भारत का भी राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मान-सम्मान और बढ़ सके। मुख्यमंत्री ने उपरोक्त बात भोपाल के बोर्ड क्लब पर सेलिंग चैम्पियनशिप के पुरस्कार वितरण और समापन समारोह को संबोधित करते हुए कही।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आजादी के बाद खेलों पर जो ध्यान दिया जाना चाहिए था, वो नहीं दिया गया। आजादी से पहले मेजर ध्यानचंद ने ऐसा खेल दिखाया किअंग्रेजों को लगा कि उनकी हॉकी में चुंबक लगा है। बॉल उनकी हॉकी से बाहर ही नहीं जाती थी। एक बार हिटलर ने कहा था कि उनकी हॉकी चेक करो। उन्होंने कहा कि आज बदलते दौर में मध्यप्रदेश रिकॉर्ड बना रहा है। ओलंपिक-एशियाड-कॉमनवेल्थ, सभी में मध्यप्रदेश का योगदान जरूर होता है। उन्होंने कहा कि तीन पहले तक हमारा स्थान 14-15वां आता था, अब हम तीसरे स्थान तक आ गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत का प्रयास है कि ओलंपिक की मेजबानी मिले। भविष्य का भारत एक तरह का भारत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में शिक्षा नीति-2020 तैयार हुई। अब खेलों को खिलाड़ियों तक सीमित नहीं रखा गया है, अब उसे कोर्स का हिस्सा बनाया गया है। अब खेलों के कोच को भी प्रमोशन दिया जा रहा है। हमने राज्य में सबसे पहले नई शिक्षा नीति को लागू किया। कोच भी असिस्टेंट प्रोफेसर से लेकर वाइस चांसलर के पद तक पहुंचें। हमें खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके कोच की भी चिंता करने की जरूरत है। सरकार स्पोर्ट्स का बजट भी लगातार बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परमात्मा की दया से ये सावन का महीना और भोपाल का ये सुंदर मौसम अद्भुत छटा बिखेरते हैं। राजा भोज का ये ताल समुद्र की तरह दिखता है। इन हवाओं के बीच चलती ये नौकाएं आकर्षित करती हैं। जो खिलाड़ी जीते हैं उन्हें बहुत-बहुत बधाई। आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि भी है। वे राष्ट्रीय कवि शिव मंगल सिंह सुमन की पंक्तियां कहा करते थे, क्या हार में-क्या जीत में, किंचित नहीं भतभीत मैं, संघर्ष पथ पर जो मिला, यह भी सही-वह भी सही।
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