
रांची । झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू (Jharkhand Congress in-charge K. Raju) ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों का (Students’ Legitimate Demands) जल्द से जल्द समाधान होना चाहिए (Must be resolved as soon as Possible) । उन्होंने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर परीक्षा सुधार किए जाने की जरूरत है।
झारखंड कांग्रेस के प्रभारी के. राजू ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कांग्रेस छात्रों की समस्याओं और उनके शांतिपूर्ण आंदोलन के साथ खड़ी है। पूरे देश में छात्रों की समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर राहुल गांधी ने आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षा प्रणाली को समय के अनुरूप बनाने पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। के. राजू ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई का मुद्दा कांग्रेस ने संसद और संसद के बाहर उठाया था। पार्टी का स्पष्ट मत है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रखने वाले छात्रों पर हिंसा या बल का प्रयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर भी राहुल गांधी ने यही रुख अपनाया है। राहुल गांधी ने एक छात्र नेता से फोन पर बात कर उनकी समस्याएं सुनीं और कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। उन्होंने छात्रों के साथ कांग्रेस के खड़े रहने की बात कही है।
के. राजू ने बताया कि कांग्रेस नेताओं ने उनके नेतृत्व में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर छात्रों की मांगों का जल्द समाधान करने का आग्रह किया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने चार सदस्यीय मंत्रिमंडलीय समिति गठित की। उन्होंने कहा कि समिति छात्रों से बातचीत कर लंबित मुद्दों को समझेगी और समाधान का रास्ता निकालने का प्रयास करेगी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने दो दिन पहले मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को भी पत्र लिखकर छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करने का आग्रह किया है।
वहीं, मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि छात्रों की जायज मांगों को पूरा करने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ दो दौर की बातचीत हो चुकी है और सोमवार को तीसरे दौर की वार्ता होनी है। उन्होंने बताया कि टीडीपीएल एजेंसी द्वारा जेपीएससी और जेएसएससी की जितनी भी परीक्षाएं कराई गई हैं, उनकी जांच का निर्णय लिया गया है। इन परीक्षाओं की जांच राज्य की सीआईडी करेगी। वित्तीय अनियमितता सामने आने पर केंद्रीय एजेंसी को जांच के लिए भी पत्र लिखने की बात सरकार ने कही है।
दीपिका ने कहा कि जेएसएससी सीजीएल मामले की जांच की न्यायिक निगरानी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि जांच 90 दिनों के भीतर पूरी हो और छात्रों को जल्द न्याय दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का रास्ता अपनाया जाए। उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा परीक्षा सुधार है। पेपर लीक और परीक्षा में हेरफेर की घटनाओं को रोकने के लिए नई और प्रभावी व्यवस्था तैयार की जाएगी। इसमें आईआईटी, आईआईएम, एक्सएलआरआई और एक्सआईएसएस जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों को भी शामिल करने का प्रस्ताव है। छात्रों, अभिभावकों, शिक्षाविदों, मीडिया और अन्य हितधारकों से सुझाव लेकर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा।
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