
डेस्क: लंबे समय से अशांत चल रहे मणिपुर में हालात अभी भी नाजुक बने हुए हैं. इस बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने आज मंगलवार को बताया कि उन्होंने नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और राज्य में जारी आर्थिक नाकेबंदी, जरूरी चीजों की सप्लाई में रुकावट तथा राज्य में जनगणना से पहले नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (NRC) लागू करने की मांग को लेकर चिंता जताई.
राजधानी दिल्ली के 2 दिन के दौरे के बाद इंफाल लौटे बीरेन सिंह ने कहा कि उन्होंने गृह मंत्री को बताया कि राज्य के लोग जनगणना के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे चाहते हैं कि पहले यहां पर NRC लागू किया जाए. उन्होंने यह भी कहा कि गृह मंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि नाकेबंदी और सप्लाई में रुकावट से जुड़े मुद्दों को जल्द ही हल कर लिया जाएगा.
पूर्व मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने कहा, “मैं गृह मंत्री अमित शाह से मिलने दिल्ली आया था और अपॉइंटमेंट मिलने के बाद कल उनसे मिला. मैंने उन्हें आर्थिक नाकेबंदी और जवाबी नाकेबंदी से जुड़े मुद्दों के बारे में बताया, जिनकी वजह से जरूरी सामान की कीमतें बढ़ गईं और सप्लाई पर असर पड़ा. उन्होंने मुझे इन मुद्दों को जल्द हल करने का भरोसा दिलाया.”
उन्होंने कहा, “मैंने शाह को मणिपुर के लोगों की उस मांग के बारे में भी बताया जो “फरवरी 2023 में राज्य में जातीय हिंसा शुरू होने से पहले मेरी सरकार ने उठाई थी”, यानी नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (NRC) लागू करने की मांग. मई 2023 से मैतेई और कुकी-जो गुटों के बीच हुई झड़पों में अब तक 260 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों की संख्या में लोग बेघर हो गए हैं.
बीरेन सिंह ने कहा, “गृह मंत्रालय और रजिस्ट्रार जनरल ने तब बताया था कि तत्कालीन सरकार की ओर से भेजी गई मांग पर विचार किया जा रहा है. मैंने गृह मंत्री को यह भी बताया कि लोग जनगणना कराने के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन वे चाहते हैं कि पहले NRC लागू हो और उसके बाद जनगणना कराई जाए.”
इस मांग को लेकर राज्य में कई जगह विरोध-प्रदर्शन भी हुए. रविवार को इंफाल में जनगणना संचालन निदेशालय के बाहर छात्रों ने प्रदर्शन किया और जनगणना से पहले मणिपुर में NRC लागू करने की मांग की. पुलिस को इन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.
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