
चेन्नई । टीएनसीसी अध्यक्ष माणिकम टैगोर (TNCC President Manickam Tagore) ने कहा कि तमिलनाडु में नीट संकट के लिए (For NEET crisis in Tamilnadu) अन्नाद्रमुक और भाजपा जिम्मेदार हैं (AIADMK and BJP Responsible) ।
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी (टीएनसीसी) के अध्यक्ष माणिकम टैगोर ने नीट को लेकर अन्नाद्रमुक महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के पलानीस्वामी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पलानीस्वामी कांग्रेस पर दोष मढ़कर तमिलनाडु के छात्रों के साथ अपनी पार्टी के “ऐतिहासिक विश्वासघात” को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं। टैगोर ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मंत्री राजेश कुमार ने तमिलनाडु विधानसभा में नीट के मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि पलानीस्वामी इस जिम्मेदारी से नहीं बच सकते कि उनके मुख्यमंत्री रहते राज्य में नीट लागू हुआ। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता के जीवित रहते तमिलनाडु में नीट लागू नहीं हुआ था। वर्ष 2017 में, पलानीस्वामी के मुख्यमंत्री बनने के बाद ही राज्य में नीट की अनुमति दी गई । टैगोर के अनुसार, उस समय अन्नाद्रमुक सरकार भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निर्भर हो गई थी।
टैगोर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस नहीं, बल्कि अन्नाद्रमुक सरकार ने नीट लागू होने का रास्ता साफ किया, जिससे हजारों तमिलनाडु के छात्रों के डॉक्टर बनने के सपने प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि दोष दूसरे पर मढ़ने की कोशिश इस ऐतिहासिक तथ्य को नहीं मिटा सकती। टीएनसीसी अध्यक्ष ने अपनी पार्टी का बचाव करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा गरीब और आम छात्रों के हितों को ध्यान में रखकर नीतियां बनाई हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनभावना का सम्मान करने और परिस्थितियों के अनुसार अपने फैसलों में बदलाव करने के लिए भी तैयार रहती है। टैगोर ने उदाहरण देते हुए कहा कि जूते व्यक्ति के पैरों के अनुसार बनाए जाने चाहिए, न कि पैरों को जूतों के आकार में ढालने के लिए काटा जाना चाहिए।
उन्होंने भाजपा सरकार पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) को शक्तियां देने और नीट को कोचिंग सेंटरों के कथित दबदबे वाले “व्यावसायिक बाजार” में बदलने का भी आरोप लगाया। उन्होंने प्रश्नपत्र लीक, भ्रष्टाचार और परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों का हवाला देते हुए कहा कि इस व्यवस्था ने छात्रों पर भारी दबाव डाला है। मेडिकल छात्रा एस. अनिता और अन्य छात्रों की मौत का जिक्र करते हुए टैगोर ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार वंचित परिवारों पर पड़ने वाले इसके प्रभाव के बावजूद नीट का बचाव करती रही है। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के उस आश्वासन को भी दोहराया कि कांग्रेस सरकार बनने पर जो भी राज्य नीट का विरोध करेगा, उसे परीक्षा से पूर्ण छूट दी जाएगी।
टैगोर ने पलानीस्वामी को चुनौती देते हुए पूछा कि क्या वह अपने सहयोगी भाजपा को तमिलनाडु के लिए इसी तरह की प्रतिबद्धता देने के लिए राजी कर सकते हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या पूर्व मुख्यमंत्री भाजपा के प्रभाव से बाहर निकलकर मोदी सरकार का सामना करने और छात्रों के हित में यह स्पष्ट रूप से कहने का साहस दिखाएंगे कि तमिलनाडु नीट नहीं चाहता।
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