नई दिल्ली। पेपर लीक, परीक्षा में गड़बड़ी (Paper leak, irregularities in the examination) और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और केंद्र सरकार को घेर रही कांग्रेस (AIC) अब अपने ही राज्यों को लेकर सतर्क हो गई है। दिल्ली, रांची समेत कई शहरों में छात्रों के आंदोलनों के बीच पार्टी को आशंका है कि परीक्षा और भर्ती व्यवस्था से जुड़ी कोई गड़बड़ी उसके लिए राजनीतिक मुश्किल खड़ी कर सकती है। इसी को देखते हुए कांग्रेस ने अपने शासन वाले राज्यों में परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है।
कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की अध्यक्षता में इस मुद्दे पर चर्चा हुई। पार्टी ने अपने मुख्यमंत्रियों को शिक्षा और सरकारी परीक्षाओं से जुड़ी व्यवस्था पर एक महीने के भीतर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
सूत्रों के मुताबिक, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अकादमिक और सरकारी परीक्षाओं का व्यवस्थित कैलेंडर तैयार कराने को कहा है।
पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, तेलंगाना और केरल के मुख्यमंत्रियों से शिक्षा व्यवस्था, अकादमिक परीक्षाओं और सरकारी भर्ती परीक्षाओं को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें परीक्षा कैलेंडर के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता सुधारने के उपायों को भी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
कांग्रेस के रणनीतिकारों का मानना है कि पेपर लीक, परीक्षा में अनियमितता और सरकारी नौकरियों के मुद्दे पर पार्टी लगातार BJP को घेर रही है। ऐसे में यदि कांग्रेस शासित किसी राज्य में भी परीक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ी गड़बड़ी सामने आती है तो विपक्ष के हमले का जवाब देना पार्टी के लिए मुश्किल हो सकता है।
इसी वजह से कांग्रेस नेतृत्व अब पहले से ही राज्यों को व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दे रहा है।
पार्टी ने अपने राज्यों में आयोजित होने वाली परीक्षाओं की प्रक्रिया को मजबूत बनाने पर जोर दिया है। खासतौर पर राज्य सरकारों की ओर से आयोजित सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक रोकने के लिए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने को कहा गया है।
कांग्रेस का फोकस यह सुनिश्चित करने पर है कि परीक्षा की तैयारी से लेकर प्रश्नपत्र की सुरक्षा, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और परिणाम जारी होने तक पूरी प्रक्रिया में किसी तरह की लापरवाही न हो।
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने छात्र आंदोलन और पैलेट गन से घायल हुए युवक के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान घायल हुए 19 वर्षीय साहिल लोचब को न्याय नहीं मिला और उनका परिवार पुलिस के चक्कर लगा रहा है।
खरगे ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि राहुल गांधी पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और मामले में मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर जवाबदेही से बचने का आरोप लगाते हुए युवाओं के मुद्दों पर BJP को घेरा।
छात्रों के आंदोलन और परीक्षा संबंधी विवादों ने कांग्रेस के सामने दोहरी चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ पार्टी इन मुद्दों को लेकर केंद्र और BJP सरकारों पर दबाव बनाना चाहती है, वहीं दूसरी ओर अपने शासन वाले राज्यों में ऐसी किसी भी घटना को रोकना चाहती है जो उसके राजनीतिक अभियान को कमजोर कर सके।
इसीलिए कांग्रेस नेतृत्व अब अपने मुख्यमंत्रियों से परीक्षा कैलेंडर, शिक्षा व्यवस्था और भर्ती परीक्षाओं की तैयारियों पर समयबद्ध रिपोर्ट मांगकर पहले से ही स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।
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