
नई दिल्ली। प्याज (Onion) की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार (Central government) ने बाजार में सप्लाई बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी है। नासिक (Nashik) से देश के प्रमुख खपत केंद्रों तक प्याज की ढुलाई शुरू कर दी गई है। साथ ही बफर स्टॉक से भी नियंत्रित मात्रा में प्याज बाजार (Onion Market) में उतारा जा रहा है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना और कीमतों में अचानक उछाल को रोकना है।
अगस्त-सितंबर में बढ़ते हैं प्याज के दाम
सरकार के मुताबिक अगस्त और सितंबर में प्याज की कीमतों में आमतौर पर मौसमी तेजी आती है। इस दौरान त्योहारों के चलते मांग बढ़ने के साथ मौसम और सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियां भी कीमतों को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में सरकार ने पहले से ही बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।
पहले चरण में 5 बड़े शहरों तक पहुंचेगा प्याज
नासिक से प्याज की सप्लाई के लिए शुरुआती चरण में चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, कोच्चि और गुवाहाटी को चुना गया है। इन शहरों में जरूरत के अनुसार प्याज उपलब्ध कराया जाएगा।
सरकार ने कहा है कि बाजार की स्थिति और मांग को देखते हुए आगे दूसरे शहरों को भी इस कार्यक्रम में शामिल किया जा सकता है। जिन इलाकों में कीमत या सप्लाई पर ज्यादा दबाव दिखाई देगा, वहां अतिरिक्त प्याज भेजा जाएगा।
देश में प्याज की कमी नहीं
सरकार के अनुसार घरेलू मांग पूरी करने के लिए देश में पर्याप्त प्याज उपलब्ध है। 2025-26 में प्याज का उत्पादन करीब 307.37 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है, जबकि 2024-25 में उत्पादन 307.67 लाख मीट्रिक टन रहा था।
इसलिए सरकार मौजूदा स्थिति को किसी बड़े सप्लाई संकट के तौर पर नहीं देख रही है। फिलहाल प्राथमिकता बाजार में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने और कीमतों में अनावश्यक उतार-चढ़ाव रोकने की है।
बफर स्टॉक से भी प्याज बाजार में उतारा
कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए सरकार अपने बफर स्टॉक से प्याज की नियंत्रित मात्रा में रिलीज कर रही है। इससे उन बाजारों में उपलब्धता बढ़ाने की कोशिश है, जहां कीमतों पर ज्यादा दबाव है।
प्याज की ढुलाई में रेलवे की ‘कांदा एक्सप्रेस’ भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सरकार के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में इसके जरिए करीब 88 हजार मीट्रिक टन प्याज देश के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचाया गया।
86 रेलवे रैक से 16 शहरों तक पहुंचा प्याज
रेलवे के जरिए प्याज की ढुलाई के लिए 86 रैक का इस्तेमाल किया गया और इसे 16 बड़े शहरों तक पहुंचाया गया। जरूरत के मुताबिक आगे भी प्याज की रेल ढुलाई और बफर स्टॉक से रिलीज जारी रखने की योजना है।
सरकार की कोशिश है कि नासिक से बड़े खपत केंद्रों तक सप्लाई बढ़ाकर बाजार में प्याज की उपलब्धता सामान्य रखी जाए। अब इसका असर आने वाले दिनों में अलग-अलग शहरों की खुदरा कीमतों पर कितना पड़ता है, यह देखने वाली बात होगी।
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