
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर में कैंट क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक नानाराव घाट (मेस्कर घाट) के सौंदर्यीकरण कार्य के निरीक्षण के दौरान सोमवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया, जब मौके पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को लेकर कानपुर के भाजपा सांसद रमेश अवस्थी ने नाराजगी जताई। सांसद ने घाट पर गंदगी, अव्यवस्था और निर्माण में इस्तेमाल की गई टाइल्स की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार से काम को लेकर जवाब मांगा।
नानाराव घाट के सौंदर्यीकरण कार्य का लोकार्पण सांसद रमेश अवस्थी और एमएलसी सलील विश्नोई ने किया। लोकार्पण के बाद दोनों ने घाट का निरीक्षण किया। इसी दौरान महिला चेंजिंग रूम में गंदगी मिलने और निर्माण कार्य में इस्तेमाल टाइल्स की गुणवत्ता खराब दिखाई देने पर सांसद नाराज हो गए।
निरीक्षण के दौरान सांसद ने मौके पर निर्माण कार्य को देखा। महिला चेंजिंग रूम समेत आसपास के क्षेत्र में गंदगी मिलने पर उन्होंने अधिकारियों से व्यवस्था को लेकर सवाल किए। निर्माण में लगी टाइल्स की गुणवत्ता को लेकर भी सांसद ने आपत्ति जताई। सांसद ने ठेकेदार से पूछा कि निर्माण कार्य किस कंपनी के माध्यम से कराया जा रहा है और ठेका किसे दिया गया है। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की निगरानी और गुणवत्ता जांच की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली।
मौके पर पर्यटन विभाग के अधिकारी पहुंचे तो सांसद ने प्रोजेक्ट मैनेजर को भी कड़ी फटकार लगाई। सांसद ने नाराजगी जताते हुए कहा कि उद्घाटन जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान पर्यटन विभाग का कोई अधिकारी मौजूद नहीं था और मौके पर व्यवस्थाएं भी ठीक नहीं थीं। उन्होंने निर्माण कार्य में अनियमितता का आरोप लगाते हुए कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। सांसद ने यह भी स्पष्ट किया कि ऐतिहासिक स्थल के विकास के नाम पर निर्माण की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सांसद ने मौके पर मौजूद कैंटोनमेंट बोर्ड के जेई से भी निर्माण कार्य को लेकर सवाल किए। उन्होंने पूछा कि इस काम के लिए ठेकेदार का चयन किस स्तर पर हुआ और काम किस कंपनी को सौंपा गया। जेई ने बताया कि वह हाल ही में यहां तैनात हुए हैं। इसके बाद सांसद ने संबंधित ठेकेदार और कंपनी के खिलाफ जांच कर कार्रवाई कराने की बात कही।
कैंट क्षेत्र में स्थित नानाराव घाट का सौंदर्यीकरण पर्यटन विभाग की ओर से कराया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने की बात सामने आई है। ऐतिहासिक महत्व वाले इस घाट को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से यहां निर्माण और सौंदर्यीकरण का काम कराया जा रहा है। नानाराव घाट का संबंध 1857 की क्रांति के इतिहास से भी बताया जाता है। इसी ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसे पर्यटन के लिहाज से विकसित किया जा रहा है।
सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि सरकारी धन से होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सबसे महत्वपूर्ण है। यदि किसी निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को लिखने और कार्रवाई की संस्तुति करने की बात कही। सांसद ने कहा कि जांच में जहां भी गड़बड़ी सामने आएगी, वहां जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई कराई जाएगी।
सांसद ने कहा कि नानाराव घाट केवल एक निर्माण परियोजना नहीं, बल्कि कानपुर के इतिहास से जुड़ा महत्वपूर्ण स्थान है। ऐसे स्थल के विकास के नाम पर यदि निर्माण कार्य की गुणवत्ता खराब रहती है या सरकारी धन का सही इस्तेमाल नहीं होता है तो इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता और मौके की व्यवस्थाओं पर ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होगी और यदि किसी स्तर पर अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।
©2026 Agnibaan , All Rights Reserved